प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बतौर सरकार प्रमुख आज 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के जरिए शुरू हुई इस यात्रा ने सेवा और संकल्प से सिद्धी के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मन, कर्म और वचन में जिसके मात्र देश बसता हो, जिसका संकल्प दृढ़ हो और निश्चय ये की भारत को एक दिन विकसित राष्ट्र बनाना है। उसकी जीवन यात्रा का वृतांत निश्चित ही सेवा, संघर्ष और साहस की गाथा से भरा होगा।

इसकी शुरुआत होती है गुजरात के वडनगर से, जहां 17 सितंबर 1950 को एक साधारण परिवार में जन्में नरेंद्र दामोदरदास मोदी एक दिन देश के प्रधानमंत्री बने और वे लगातार 12 वर्षों से सेवा और संकल्प के साथ प्रधानसेवक की तरह काम कर रहे हैं। एक सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले नरेन्द्र मोदी का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनके पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी चाय की दुकान चलाते थे तो वहीं उनकी मां हीराबेन घर चलाने के लिए दूसरों के घरों में बर्तन मांजा करती थी।

युवावस्था में ही घर छोड़कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऋषिकेश, हिमालय, रामकृष्ण मिशन और उत्तर पूर्वी भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की। उन्होंने समाज सेवा को अपने जीवन का मिशन बनाया और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में शामिल होकर देश हित की गई गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। इसमें 1975 से 77 के बीच का आपातकाल का वो काला दौर भी शामिल है। जब उन्होंने भूमिगत रहकर और भेष बदलकर कांग्रेस के तानाशाही रवैये के खिलाफ मोर्चा खोला।

वे साल 1987 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। उन्हें गुजरात भाजपा में महासचिव का दायित्व सौंपा गया। जहां उनके सांगठनिक कौशल से पार्टी को एक के बाद एक सफलता हासिल हुई। गुजरात के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और बाद में राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व सौंपा। इसके बाद वे 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने।

2001 से 2012 के बीच चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेन्द्र मोदी ने भूकंप से तबाह राज्य को फिर से खड़ा किया। उन्होंने उद्योग, बिजली, सड़क, विकास का नया मॉडल पेश किया। नरेंद्र मोदी को 2013 में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। उन्होंने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी एक बार फिर बहुमत के साथ सत्ता में लौटी और नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

उन्होने 9 जून 2024 को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वे जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीन बार इस पद की शपथ लेने वाले दूसरे व्यक्ति बने। उन्होंने 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

वडनगर के एक छोटे शहर से शुरू हुआ सफर, गुजरात के मुख्यमंत्री पद से होते हुए देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा है। उनकी राजनीतिक यात्रा अब 30 दशक से अधिक के सार्वजनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी है- जिसमें संगठन की राजनीति, गुजरात का शासन और केंद्र की सत्ता के अहम अध्याय शामिल हैं।