वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के दौरान भारत की हालत बेहद खराब होती जा रही थी। जिसके बाद मार्च के महीने की शुरुआत से संक्रमण की दर में थोड़ी राहत देखी जा रही है। संक्रमण दर की कमी में अहम भूमिका वैक्सीनेशन की मानी जा रही है। भारत में टीकाकरण प्रक्रिया बेहद तेजी से चल रही है।
गौरतलब है कि कोरोनावायरस के खिलाफ वैक्सीन बेहतर तरीके से सुरक्षा प्रदान कर रही है और किए गए अध्ययन में भी यह साबित हुआ है कि टीका लगवाने वाले 31600 स्वास्थ्य कर्मी 95 फीसद से अधिक संक्रमित होने से बच गए।बता दे किया अध्ययन अस्पताल की तरफ से करवाया गया था जिसके नतीजे बुधवार को जारी किए गए। जिसमें देश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर 16 जनवरी से 30 मई के बीच में अध्ययन किया गया।
अस्पतालों द्वारा जन स्वास्थ्य कर्मियों पर अध्ययन किया गया था वह वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके थे। बता दें कि अध्ययन पर टिप्पणी करते हुए अपोलो अस्पताल समूह के संस्थापक चेयरमैन डॉ प्रताप सी रेड्डी ने कहा कि अध्ययन से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि कोरोनावायरस के खिलाफ टीकाकरण बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि यह कोरोना संक्रमण को गंभीर होने से भी रोकती है और जिंदगी को बचाने में मदद करती है।
गौरतलब है कि वैक्सीनेशन को लेकर आए दिन पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर प्रहार करते रहते हैं। जिसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय इंटरनेट मीडिया समन्वयक गौरव द्वारा कोवैक्सीन को लेकर के क्विट पर संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। संबित पात्रा ने कहा कि वैक्सीन के बारे में संदेह पैदा करने' के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्वदेशी वैक्सीन के खिलाफ भ्रम पैदा कर रही है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को बताना चाहिए कि उन लोगों ने टीका लगवाया है या नहीं क्या उन्हें टीके में भरोसा है या नहीं?
गौरतलब है कि गौरव ने एक आरटीआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा था कि भाजपा सरकार को लोगों की आस्था और विश्वास के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए, अगर कोवैक्सीन या किसी भी वैक्सीन में गाय या बछ़़डे का सीरम मिलाया गया है तो लोगों को इसके बारे में जानने का हक है।
नेहा शाह