भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र-स्तर पर 22 टन थ्रस्ट के साथ सफल हॉट टेस्ट पूरा कर लिया है। यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में किया गया।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी। परीक्षण के दौरान नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम और मल्टी-एलीमेंट इग्नाइटर का भी सफल परीक्षण किया गया, जो क्रायोजेनिक इंजन की कार्यक्षमता और सुरक्षा को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि भारत की उन्नत क्रायोजेनिक प्रोपल्शन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। इससे एलवीएम-3 प्रक्षेपण यान के प्रदर्शन और विश्वसनीयता में भी सुधार होने की उम्मीद है। CE20 क्रायोजेनिक इंजन भारत के भारी प्रक्षेपण यान एलवीएम-3 का अहम हिस्सा है, जिसका उपयोग बड़े और जटिल अंतरिक्ष मिशनों को प्रक्षेपित करने में किया जाता है।
इस सफल परीक्षण को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।