महाशिवरात्रि पर्व पर आज काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में सुरक्षा के अभेद्य किलेबन्दी के बीच दर्शन-पूजन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। दरबार में मंगला आरती के बाद से ही भोर 3.30 बजे से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला अनवरत जारी है। 144 साल बाद महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान और 60 वर्षों बाद त्रिग्रही योग में मंदिर के गर्भगृह में बाबा के प्रति श्रद्धा अनुराग की अखंड जलधार बेलपत्र, मदार, धतुरा, दुग्ध जल ज्योर्तिलिंग पर निरंतर गिर रही है। जल एवं दूध अर्पण करने के लिए गर्भगृह के चारों द्वारों के बाहर पीतल के विशाल पात्र लगाए गए है। मंगला आरती के बाद दरबार में पहुंचे शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा भी मंदिर न्यास की ओर से की गई।