वक़्फ़ संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सदन में विधेयक पर चर्चा के लिए 8 घंटे रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के दौरान इस बात पर सहमति बनी है कि ज़रूरी होने पर चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। श्री रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार खुली बहस और विधेयक पर सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल तुष्टिकरण की राजनीति के कारण कानून का विरोध कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दलों- जेडीयू और तेलुगू देशम पार्टी ने भी ने अपने सभी सांसदों को लोकसभा में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
कांग्रेस ने भी अपने सभी सांसदों से लोकसभा में उपस्थित रहने को कहा है।
संसद में दोनों सदनों के इंडिया गठबंधन के नेताओं ने वक्फ संशोधन विधेयक पर अपनी रणनीति तय करने के लिए कल नई दिल्ली में एक बैठक की। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के प्रो. राम गोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के टी.आर. बालू और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह शामिल थे।
संशोधन विधेयक का मूल उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संचालन संबंधी कमियों को दूर करना है। विधेयक को पिछले वर्ष अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया था। बिल पर और अधिक विचार-विमर्श के लिए, भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में एक संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया गया था। समिति को लगभग 97 लाख सुझाव प्राप्त हुए थे।