सुप्रीम कोर्ट ने यु.जी .सी . के रेगुलेशन पर लगाई रोक

Update: 2026-01-29 14:54 GMT

नई दिल्ली। यूजीसी 2026 के नियमों के विरोध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज इस पर स्टे दे दिया। केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हमें भी लगता है कि इसका दुरुपयोग हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि नए नियमों पर फिलहाल रोक रहेगी तथा इस बीच 2012 के नियम लागू रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

अपडेट

प्रमुख बातें जो कोर्ट ने कही .......

1. ये नियम प्रथम दृष्टया “अस्पष्ट” हैं और “दुरुपयोग की आशंका” रखते हैं।

2. नियमों की पुनर्समीक्षा एक छोटी समिति करे, जिसमें प्रतिष्ठित विधिवेत्ता हों।

3. क्या रेगुलेशन ऐसी स्थितियों में भी भेदभाव को कवर करेगा, जहाँ जाति पहचान स्पष्ट न हो (जैसे भौगोलिक आधार पर अपमान) ?

4. नियमों में यह मानकर क्यों चला जा रहा है कि केवल जाति-आधारित भेदभाव ही है; अन्य आधारों पर भी उत्पीड़न होता है ?

5. क्या हम जातिविहीन समाज की दिशा में जो प्राप्त किया, उससे पीछे जा रहे हैं ?

6. अलग-अलग जातियों के अलग हॉस्टल वाले विचार पर- “भगवान के लिए, ऐसा मत कीजिए… हम सब साथ रहते थे।"

7. जब 3(e) पहले से “भेदभाव” कवर करता है, तो 3(c) की जरूरत क्यों? क्या यह दोहराव/रेडंडेंसी नहीं ?

8. अगर 2012 के नियम अधिक समावेशी थे तो 2026 में पीछे क्यों जाना; नियमों में रैगिंग को क्यों नहीं लिया ?

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