पीएम मोदी ने आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए लोगों के साथ अपने विचार साझा किए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया के सामने भारत की आतंक-रोधी नीति का एक नया उदाहरण पेश किया है। आज आकाशवाणी से ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश कल यानी 28 सितंबर को इस स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ मनाएगा। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया यह देखकर हैरान रह गई थी कि आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के लिए किस तरह बहादुर भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण-रेखा पार की थी। उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों के कारण देश लंबे समय से दर्द झेल रहा था और सर्जिकल स्ट्राइक इसी का निर्णायक जवाब था। श्री मोदी ने कहा कि पिछले दशक में, बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक भारत ने बार-बार यह संदेश दिया है कि आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले, देश में सिलसिलेवार धमाका आम बात थी। 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली के सिलसिलेवार धमाकों में कई लोग मारे गए थे। इसके कुछ ही हफ्तों बाद मुंबई में 26 नवंबर का हमला हुआ। लेकिन अब भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति पर चल रहा है और इसका नतीजा सामने है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर को हुए आतंकी हमले की इस साल के 25वीं बरसी है। उन्होंने कहा कि इस हमले में अमरीकी नागरिकों के बाद सबसे ज़्यादा भारतीय नागरिक ही पीड़ित हुए थे। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका यात्रा के दौरान उन निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी थी।
प्रधानमंत्री ने जनगणना के संबंध में कहा कि इसका पहला चरण लगभग सभी राज्यों में पूरा हो गया है और 32 करोड़ से ज़्यादा परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दूरदराज़ के और बर्फीले इलाकों में अभी काम चल रहा है। श्री मोदी ने कहा कि इन इलाकों से कई प्रेरणादायक अनुभव सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत चमोली के माणा गांव में 83 साल की पूर्णिमा रावत के साथ हुई। माणा को देश का पहला गांव माना जाता है। श्री मोदी ने कहा कि उत्तरकाशी के बागौरी गांव में होमस्टे चलाने वाले हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल तरीके से अपना ब्योरा खुद दर्ज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना सभी की राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी है और लोग अपने मोबाइल से ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी 17 भाषाओं में दर्ज करा सकते हैं। श्री मोदी ने लोगों से ऑनलाइन पोर्टल srs.census.gov.in पर जानकारी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 मिनट लगते हैं और किसी दस्तावेज़ को अपलोड नहीं करना पड़ता। अब तक 2 करोड़ 60 लाख से ज़्यादा लोगों ने मोबाइल से अपना ब्योरा दर्ज कराया है। श्री मोदी ने कहा कि नागरिकों के बारे में सही जानकारी देश के भविष्य की सटीक तस्वीर बनाने में मदद करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की सौवीं जयंती है। उन्होंने कहा कि श्री सिंहल ने अपना पूरा जीवन संस्कृति, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। 27 सितंबर, 1926 को आगरा में जन्मे अशोक सिंघल ने समाज में रहते हुए भी एक तपस्वी जैसा जीवन जिया। श्री मोदी ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन को उन्होंने जो दिशा और ऊर्जा दी, अयोध्या में भव्य मंदिर उसी का परिणाम है। श्री सिंघल ने सामाजिक भेदभाव और असमानता के ख़िलाफ़ भी लड़ाई लड़ी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने इस साल की शुरुआत ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के साथ की। उन्होंने बताया कि महमूद गजनवी ने पहली बार 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर को नष्ट किया था। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सोमनाथ मंदिर आज भी समुद्र के किनारे अपनी पूरी भव्यता के साथ खड़ा है और भारत को अमरता का आशीर्वाद दे रहा है। उन्होंने कहा कि इसीलिए इस साल ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ को बहुत गर्व के साथ मनाया गया।
श्री मोदी ने बताया कि उन्होंने आज ‘मन की बात’ में इस विषय का ज़िक्र एक खास वजह से किया है। 1026 ईस्वी में जब गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट किया, तो उसी साल गुजरात के मोढेरा में स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर पर भी हमला किया गया और उसे नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मोढेरा मंदिर के विनाश को भी एक हज़ार साल बीत चुके हैं, जबकि यह मंदिर उससे बस एक साल पहले ही बनाया गया था। राजा भीमदेव ने इसे 1025 में बनवाया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजा भीमदेव प्रथम ने न केवल गजनवी की सेनाओं का सामना किया, बल्कि बहुत कम समय में मोढेरा सूर्य मंदिर का पुनर्निर्माण भी करवाया। उन्होंने कहा कि इसी मज़बूत इच्छाशक्ति के कारण सोमनाथ मंदिर को भी बार-बार नष्ट किए जाने के बावजूद हर बार फिर से बनाया गया।
श्री मोदी ने कहा कि मोढेरा सूर्य मंदिर पर हमले बाद में भी नहीं रुके। बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने इस मंदिर को एक बार फिर नष्ट कर दिया। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि भारत के लोग सूर्य की पूजा केवल वास्तुकला और मंदिरों के माध्यम से नहीं करते हैं, उन्होंने कहा कि हमारे लिए सूर्य प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतरता की प्रेरणा का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसीलिए आज मोढेरा न केवल अपने सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है, बल्कि देश का पहला ‘सूर्य ग्राम’ यानी सोलर विलेज भी बन गया है।