अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Update: 2026-07-22 04:39 GMT



मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे मिर्च उत्पादक किसान अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर वैज्ञानिक खेती, आधुनिक ग्रेडिंग और उन्नत पैकेजिंग को अपना रहे हैं। इससे बड़वानी की मिर्च की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बड़वानी की लाल मिर्च को 'जीआई टैग' दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। एक बार यह टैग मिल गया, तो दुनिया के बाजारों में बड़वानी की मिर्च का पेटेंट हो जाएगा और ग्लोबल ब्रांड के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर बड़वानी जिले के पानसेमल विधायक श्याम बरडे भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल अच्छी तभी होगी, जब खेतों के टेल-एण्ड तक पानी पहुंचेगा। हमारी सरकार बड़वानी में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से सेंधवा, निवाली, पाटी, नागलवाड़ी उद्वहन योजना और शहीद भीमा नायक सागर (लोअर गोई) परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से बड़वानी जिले के 319 गांवों की 1.21 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी हमारा शुभंकर है।

किसान कल्याण वर्ष की पहली ऐतिहासिक 'कृषि कैबिनेट' हमने यहीं की थी। इसमें हमारी सरकार का प्रमुख फोकस सिंचाई क्षमता के अभूतपूर्व विकास पर रहा। हम राज्य की सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी के किसानों से खेतिया कृषि उपज मंडी को एक सर्वसुविधायुक्त 'आदर्श मंडी' के रूप में अपग्रेड और विकसित करने का जो वादा हमने किया है, उसे भी पूरा करेंगे। सिंचाई, खाद और बीज हमारी प्राथमिकता हैं।

किसान किसी भी तरह के भ्रम में न आएं, प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। किसानों को उत्तम क्वालिटी के बीजों के लिए बाहर न भटकना पड़े, इसके लिए बड़वानी में 50 एकड़ के विशाल क्षेत्र में 'आदर्श बीज उत्पादन केंद्र' भी स्थापित किया जा रहा है।

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