कानून के रखवाले और कानून का पालन कराने वाले जब आपस में भिड़े तो लोकतंत्र को ताक पर रख दिया गया | जिस वकील को पुलिस वालो ने पकड़ कर पिटा था उसका सी सी टी वी फुटेज सामने आ गया है | पुलिस की ज्यादती का सबूत मिल गया है और उसी अनुसार कारवाई की जानी चाहिए |
उसी प्रकार वकीलों द्वारा महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यहार सामने आया है उसकी भी जांच कर कारवाई होनी चहिये | अगर पुलिस गुंडागर्दी करती है या वकील गुंडई पर उतारू है तो उन दोनों के शरारती तत्वों पर तत्काल कारवाई की जानी चाहिए |
पुलिस और वकील दोनों बेकाबू हो गए है और इनको काबू में सिर्फ जनता ही ला सकती है | अगर जनता अपने पर उतर आई तो इन दोनों का बुरा हाल होगा | ये इस लिए कह रहा हू क्योंकि इन दोनों की लड़ाई में पिस जनता रही है|
पूर्व में भी ये देखा गया है कि ये दोनों जनता के साथ बदसलूकी करते आये है | चुकि इन दोनों का पाला गरीब और लाचार से पड़ता है इसलिए अपनी हेकड़ी दिखाने से ये बाज नहीं आते है | पर अमीरों और बड़े लोगो के ये दोनों ही तलवे चाटते है |