बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नॉलेज शेयरिंग प्रोग्राम, 209 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नॉलेज शेयरिंग प्रोग्राम, 209 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
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एआई के दौर में रोजगार के लिए नई तकनीक और कौशल जरूरी : डॉ. विपिन खुराना


झांसी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच रोजगार के बदलते स्वरूप के अनुरूप नई तकनीक और कौशल विकसित करना जरूरी है। वहीं, शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देने के बजाय वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना चाहिए। यह बात बेंगलुरु से आए विशेषज्ञ डॉ. विपिन खुराना ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित नॉलेज शेयरिंग प्रोग्राम में कही।

विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) एवं आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल (आईबीएस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फैकल्टी एवं स्टूडेंट नॉलेज शेयरिंग प्रोग्राम में 48 शिक्षकों और 161 विद्यार्थियों सहित कुल 209 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

शिक्षकों के लिए आयोजित सत्र में डॉ. खुराना ने केस स्टडी आधारित शिक्षण की उपयोगिता बताते हुए कहा कि वास्तविक जीवन की घटनाओं और व्यावहारिक समस्याओं के माध्यम से विद्यार्थियों में विश्लेषण, तार्किक सोच और निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जा सकती है। उन्होंने शिक्षकों को कक्षाओं में लघु केस स्टडी, समूह चर्चा और प्रश्नोत्तर जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों के सामने सीधे समाधान प्रस्तुत करने के बजाय उन्हें स्वयं समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील के. कबिया ने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नवीन शिक्षण पद्धतियों और शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास आवश्यक है। अर्थशास्त्र एवं वित्त विभागाध्यक्ष डॉ. शंभू नाथ सिंह ने केस स्टडी आधारित शिक्षण को सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

विद्यार्थियों के लिए आयोजित सत्र में जनरेटिव एआई और भविष्य में रोजगार की संभावनाओं पर मंथन हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल दक्षता, तकनीकी बदलावों के अनुरूप कौशल विकास, निरंतर सीखने और एआई के जिम्मेदार उपयोग के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल के सीनियर मार्केटिंग ऑफिसर विवेक शर्मा एवं सीनियर मैनेजर अंकित त्रिवेदी की सहभागिता रही। संचालन डॉ. ज्योति कुमारी मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर डॉ. अमरजोत वर्मा, डॉ. ज्योति मिश्रा, हेमंत चंद्रा, डॉ. राधिका चौधरी, डॉ. शिल्पा मिश्रा, डॉ. प्रियंका अग्रवाल, डॉ. गजाला अहमद, डॉ. हितिका यादव, डॉ. बबीता सिंह, डॉ. अंकित श्रीवास्तव, डॉ. विकास चौरसिया, डॉ. नीरज, डॉ. नेहा राय, डॉ. रितु सिंह, डॉ. शुभांगी निगम, डॉ. शिखा सोनी, डॉ. शिविका भटनागर, डॉ. ज्योति चंदेल, डॉ. प्रियल चतुर्वेदी, डॉ. अमीषा, डॉ. आयुष सक्सेना, डॉ. जूही गोविंदानी, डॉ. रितु शर्मा, डॉ. ज्योति गुप्ता, डॉ. निधि श्रीवास्तव, डॉ. ऋचा राय, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. संदीप अग्रवाल एवं निशांत पोरवाल सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक उपस्थित रहे।

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