सीएसजेएमयू में 'भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा' का सफल आयोजन: 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया भाग

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सीएसजेएमयू में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का सफल आयोजन: 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया भाग
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कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में आज 'भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा' का भव्य एवं शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा संचालित इस परीक्षा में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। OMR शीट के माध्यम से आयोजित इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सांस्कृतिक चेतना, मानवीय गरिमा और नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करना है।

आज के युवाओं में भारतीय संस्कृति की समझ विकसित होना अत्यंत आवश्यक: कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक

परीक्षा के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा, "आज के आधुनिक दौर में युवाओं को अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति की गहरी समझ विकसित करना बेहद जरूरी है। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा जैसे आयोजन छात्रों के बौद्धिक विकास (IQ) के साथ-साथ उनकी भाव संवेदना (EQ) और आध्यात्मिक चेतना (SQ) को परिष्कृत करते हैं। यह पहल युवाओं को राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगी।"

नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम: डॉ. दिवाकर अवस्थी

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी ने परीक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा 1994 से निरंतर आयोजित की जा रही यह परीक्षा युवाओं को तनाव, अवसाद और दुर्व्यसनों से मुक्त कर सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है। विश्वविद्यालय परिसर में ऐसे आयोजनों से छात्रों में कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र गौरव के प्रति सम्मान की भावना सुदृढ़ होती है।

पत्रकारिता विभाग के परीक्षा संयोजक डॉ. हरिओम कुमार ने परीक्षा प्रबंधन से संबंधित जानकारी देते हुए बताया, "परीक्षा का संचालन पूर्ण निष्पक्षता और व्यवस्थित तरीके से किया गया। OMR शीट आधारित इस परीक्षा में छात्रों को पूर्व में ही अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। सभी विभागों के समन्वय से परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा संपन्न हुई।"

परीक्षा के सफल एवं सुचारू संचालन में विभिन्न संकायों के शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। इसमें फाइन आर्ट विभाग से डॉ. मंतोष यादव, कृषि विज्ञान विभाग से डॉ. अभिषेक, दीनदयाल शोध केंद्र से डॉ. श्रवण द्विवेदी तथा योग विज्ञान विभाग से डॉ. राम किशोर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेने और परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला संयोजक सुरेश जोशी, लक्ष्मी नारायण कुशवाहा, उमेश कटियार एवं राजेन्द्र श्रीवास्तव विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहे।

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