द्रोणा एआई के संचालन और उपयोग से रूबरू हुए विश्वविद्यालय के शिक्षक
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित ‘एआई इनेबल्ड एजुकेशन...
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित ‘एआई इनेबल्ड एजुकेशन...
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित ‘एआई इनेबल्ड एजुकेशन ट्यूटर–द्रोणा’ के संचालन एवं उपयोग को लेकर बुधवार को एक इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक अभियांत्रिकी प्रो. डी.के. भट्ट ने की। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रमुख शिक्षकों ने सहभागिता कर द्रोणा एआई के शैक्षणिक उपयोग, विद्यार्थियों की परीक्षाओं तथा इसके विभिन्न फीचर्स से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से अश्वनी राज, अजय कुमार, संजीव कुमार एवं डॉ. प्रियंका पांडे ने शिक्षकों के समक्ष द्रोणा का प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया। कंपनी के सह-संस्थापक अजय कुमार ने द्रोणा एआई की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह त्रिस्तरीय एआई मॉडल पर आधारित है। इसका पहला स्तर विद्यार्थियों के लिए, दूसरा शिक्षकों के लिए तथा तीसरा स्तर विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि द्रोणा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सॉवरेन एआई-ओएस (Sovereign AI-OS) पर आधारित एक अभिनव शिक्षा व्यवस्था है। इसके माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी सीखने की गति, क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप व्यक्तिगत एआई पर्सनल ट्यूटर उपलब्ध कराया जा सकता है। इसका अकादमिक मेमोरी लेयर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और प्रदर्शन का विश्लेषण कर उनकी कमजोर अवधारणाओं तथा सीखने की कमियों की पहचान करता है। इसके आधार पर विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं लक्षित अभ्यास उपलब्ध कराया जाता है।
सेशन के दौरान बताया गया कि द्रोणा एआई विद्यार्थियों की विषयगत समझ, कौशल, समस्या समाधान क्षमता और आत्मनिर्भर सीखने की प्रवृत्ति को सशक्त बनाने में सहायक होगा। इसके साथ ही यह उन्हें भविष्य के रोजगार और एआई-संचालित कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इंटरैक्टिव सेशन में शिक्षकों ने द्रोणा एआई के उपयोग, विद्यार्थियों की परीक्षा व्यवस्था, अकादमिक प्रगति के आकलन, व्यक्तिगत शिक्षण तथा इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
कार्यक्रम में प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, प्रो. सुनील प्रजापति, डॉ. प्रियंका पांडे, डॉ. सुमिरन श्रीवास्तव, डॉ. अंजिता श्रीवास्तव, डॉ. दीप्ति सिंह, डॉ. राघवेंद्र दीक्षित, डॉ. ईरा तिवारी, डॉ. शशिकांत वर्मा, डॉ. कमल सेठ, डॉ. अतुल मकरारिया, डॉ. अवनीश दुबे, डॉ. संतोष पांडे, डॉ. बृजेंद्र कश्यप, डॉ. रवि कुमार, डॉ अनुपम व्यास सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शिक्षक उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण को सुगम बनाने के लिए ‘एआई इनेबल्ड एजुकेशन ट्यूटर–द्रोणा’ का औपचारिक शुभारंभ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान किया गया था। बुधवार को आयोजित यह इंटरैक्टिव सेशन उसी कड़ी का अगला चरण रहा, जिसमें शिक्षकों को द्रोणा एआई की उपयोगिता और संचालन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।





