भाषा विश्वविद्यालय में फोटोग्राफी और रील मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 17वें स्थापना दिवस समारोह के तहत पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा मंगलवार को फोटोग्राफी एवं रील...
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 17वें स्थापना दिवस समारोह के तहत पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा मंगलवार को फोटोग्राफी एवं रील...
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 17वें स्थापना दिवस समारोह के तहत पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा मंगलवार को फोटोग्राफी एवं रील मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन कुलपति प्रो अजय तनेजा के सरंक्षण में किया गया। मीडिया क्लब की थीम ‘कैप्चर , क्रिएट और इंस्पायर’ के अंतर्गत आयोजित इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच और डिजिटल स्टोरीटेलिंग कौशल का प्रदर्शन किया।पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में विद्यार्थियों को फोटोग्राफी और शॉर्ट वीडियो के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता एवं अभिव्यक्ति को सामने लाने का अवसर प्रदान करना था।
‘वन फोटो–वन स्टोरी’ में तस्वीरों ने कही कहानी
फोटोग्राफी प्रतियोगिता की थीम ‘वन फोटो–वन स्टोरी’ रखी गई। प्रतिभागियों को एक तस्वीर के माध्यम से किसी कहानी, भावना या विचार को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना था। विद्यार्थियों ने अपने कैमरे की नजर से विभिन्न विषयों को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में आयुष सिंह, रोहित यादव और नेहा सिंह विजेता रहे।
रील्स में दिखा विश्वविद्यालय का बदलता स्वरूप
रील मेकिंग प्रतियोगिता के लिए ‘पिछले 7 सालों में विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलाव’ विषय निर्धारित किया गया। विद्यार्थियों ने शॉर्ट वीडियो के माध्यम से विश्वविद्यालय के विकास, बदलते परिसर और सकारात्मक बदलावों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। रील मेकिंग प्रतियोगिता में अर्णव, अरमान और नेहा विजेता रहे। प्रस्तुत रील्स में विद्यार्थियों ने वीडियो शूटिंग, एडिटिंग और डिजिटल नैरेशन का प्रभावी उपयोग किया।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल मीडिया के व्यावहारिक पक्षों से जुड़ने तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने का अवसर मिला। पत्रकारिता एवं जनसंचार के वर्तमान परिदृश्य में फोटोग्राफी और शॉर्ट-फॉर्म वीडियो कंटेंट की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह गतिविधि विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रही।
कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. रुचिका सुजॉय चौधरी, डॉ. शचीन्द्र शेखर, डॉ. सैयद काजिम असगर रिजवी एवं डॉ. मोहम्मद नसीब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। छात्र वालंटियर्स देवांश शर्मा एवं नेहा सिंह ने भी आयोजन में सहयोग किया।





