दिल की सेहत से संवरेगा भविष्य: भाषा विश्वविद्यालय में विश्व हृदय दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को विश्व हृदय दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता व्याख्यान का...

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को विश्व हृदय दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता व्याख्यान का...
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को विश्व हृदय दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार को हृदय स्वास्थ्य, हृदय रोगों के जोखिम कारकों तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा। इस वर्ष विश्व हृदय दिवस की थीम ‘Use Heart for Every Heart’ रही, जिसके माध्यम से स्वस्थ हृदय और स्वस्थ जीवन के महत्व का संदेश दिया गया।
माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के सहायक प्रोफेसर डॉ. शुभम रस्तोगी मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने हृदय रोगों की बढ़ती चुनौती और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्लूकोज का बढ़ना, असंतुलित लिपिड प्रोफाइल और बढ़ता BMI हृदय रोगों के महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं। इनकी नियमित जांच और समय रहते आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श लेना हृदय को स्वस्थ रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. रस्तोगी ने आपातकालीन परिस्थितियों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक के लक्षणों की शीघ्र पहचान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने के लिए FAST नियम की जानकारी देते हुए बताया कि F यानी चेहरे का टेढ़ा होना, A यानी हाथ में कमजोरी, S यानी बोलने में कठिनाई और T यानी तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय गंवाए बिना चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन तथा चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं के सही उपयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल बीमारी होने के बाद नहीं, बल्कि स्वस्थ रहते हुए भी आवश्यक है।
कार्यक्रम की मुख्य आयोजक एवं गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष तथा संकायाध्यक्ष प्रो. तत्हीर फात्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने हृदय स्वास्थ्य के प्रति निरंतर जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में समन्वयक डॉ. कीर्तिमा सचान, डॉ. कल्पना देवी एवं डॉ. अंजलि सिंह का विशेष योगदान रहा। व्याख्यान में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





