उच्च शिक्षा में एआई और डिजिटल नवाचार को नई गति देगा गूगल-बुंदेलखंड विश्वविद्यालय सहयोग
गुरुग्राम/झांसी। उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और आधुनिक डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से...

गुरुग्राम/झांसी। उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और आधुनिक डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से...
गुरुग्राम/झांसी। उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और आधुनिक डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गूगल के गुरुग्राम स्थित कार्यालय में गूगल और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया। बैठक में *गूगल फॉर एजुकेशन के यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका (EMEA) एवं एशिया-पैसिफिक (JAPAC) क्षेत्रों के निदेशक कॉलिन मार्सन* तथा *बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडे* सहित शिक्षा और तकनीक क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक में *अकादमिक सहयोग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, शोध एवं नवाचार, डेवलपर इकोसिस्टम तथा उद्योग-अकादमिक साझेदारी* को मजबूत करने के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और शिक्षकों की डिजिटल एवं एआई क्षमताओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
गूगल फॉर एजुकेशन के निदेशक *कॉलिन मार्सन* ने कहा कि प्रस्तावित सहयोग का प्रमुख उद्देश्य विश्वविद्यालय में मजबूत *डेवलपर इकोसिस्टम* तैयार करना, विद्यार्थियों में एआई क्षमताओं का विकास करना तथा उन्हें *फ्यूचर-रेडी तकनीकी कौशल* से लैस करना है। उन्होंने बताया कि गूगल अपने *‘वन गूगल’ इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेटर सीरीज और डेवलपर फ्रेमवर्क* के माध्यम से शैक्षणिक और तकनीकी वातावरण को और सशक्त बनाने में सहयोग कर सकता है।
प्रस्तावित सहयोग के अंतर्गत विद्यार्थियों और शिक्षकों को *एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा* जैसे क्षेत्रों में बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक दक्षता विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इससे विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता के साथ उनकी *रोजगारपरकता और उद्योग-तत्परता* को भी बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है।
बैठक में सहयोगात्मक मॉडल के माध्यम से *बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को डिजिटल नवाचार और सामाजिक प्रभाव के प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने* की संभावनाओं पर भी मंथन किया गया।
कुलपति *प्रो. मुकेश पांडे* ने कहा कि गूगल जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियां यदि उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करती हैं तो शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाए जा सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तावित सहयोग के लिए आवश्यक सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने बैठक में उपस्थित गूगल के अधिकारियों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर गूगल के *शिक्षा एवं सरकारी नीति से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि* भी उपस्थित रहे।





