कॉफी विद कुलपति’ में विद्यार्थियों से मुखातिब हुए कुलपति प्रो. संजीव कुमार, समस्याएं सुनीं और सुझावों का किया स्वागत
‘आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच संवाद की दूरी मिटाने के लिए आयोजित ‘कॉफी विद कुलपति’ के तीसरे संस्करण में...

‘आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच संवाद की दूरी मिटाने के लिए आयोजित ‘कॉफी विद कुलपति’ के तीसरे संस्करण में...
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आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच संवाद की दूरी मिटाने के लिए आयोजित ‘कॉफी विद कुलपति’ के तीसरे संस्करण में मंगलवार को परिसर का माहौल संवादमय रहा |इस अनौपचारिक संवाद में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं, सुझावों और शैक्षणिक अनुभवों को सीधे कुलपति तक पहुंचाना था।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न सुविधाओं, पाठ्यक्रम, प्लेसमेंट, लाइब्रेरी और परिसर विकास से जुड़े कई प्रश्न कुलपति के समक्ष रखे। कुलपति ने सभी प्रश्नों का धैर्यपूर्वक उत्तर दिया और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।विद्यार्थियों द्वारा परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी, छात्र क्लब,विश्वविद्यालय बैंड और कौशल विकास केंद्र,मोबाइल हेल्थ वैन शुरू करने के सुझाव दिए गए। कुलपति ने सभी सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि छात्रों के अच्छे सुझाव ही विश्वविद्यालय को आगे ले जाएंगे। आपकी हर राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है और इसे संस्थागत रूप दिया जाएगा।“सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी”
कार्यक्रम के समापन पर कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “जीवन में सबसे बड़ी जरूरत सोच बदलने की है। नकारात्मकता को पीछे छोड़कर सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए। जब आपकी सोच बदलेगी, तो आपके कर्म बदलेंगे और जब कर्म बदलेंगे तो विश्वविद्यालय और समाज दोनों बदलेंगे।”उन्होंने कहा कि “विद्यार्थी विश्वविद्यालय के केंद्र में हैं। आपकी समस्याएं हमारी प्राथमिकता हैं। ‘कॉफी विद कुलपति’ इसी संवाद संस्कृति को मजबूत करने का मंच है, ताकि आपकी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंच सके।”कुलपति ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल शिकायत न करें, बल्कि समाधान का हिस्सा भी बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन हर उस विचार का स्वागत करेगा जो छात्रहित और संस्थान के विकास से जुड़ा हो।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी ने खुलकर अपने विचार रखे और कुलपति से मार्गदर्शन प्राप्त किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वस्त किया कि इस संवाद में उठे बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।





