भाषा विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता, नैतिकता और प्रभावी प्रकाशन पर हुआ मंथन
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा शोध प्रकोष्ठ के सहयोग से विश्वविद्यालय के अटल हॉल में ‘इमर्जिंग...
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा शोध प्रकोष्ठ के सहयोग से विश्वविद्यालय के अटल हॉल में ‘इमर्जिंग...
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा शोध प्रकोष्ठ के सहयोग से विश्वविद्यालय के अटल हॉल में ‘इमर्जिंग ट्रेंड्स एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज इन स्कॉलरली पब्लिशिंग’ विषय पर एक दिवसीय सिम्पोजियम का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में आयोजित इस सिम्पोजियम में शोध लेखन की गुणवत्ता, अकादमिक प्रकाशन की प्रक्रिया और शोध की विश्वसनीयता एवं प्रभाव बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
सिम्पोजियम में वक्ता के रूप में सहायक आचार्य डॉ. अनुभव तिवारी एवं श्री अमन मिश्रा ने शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध-पत्र तैयार करने तथा उसके प्रकाशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने शोध-पत्र की पांडुलिपि तैयार करने, विषय के अनुरूप उपयुक्त शोध पत्रिका का चयन करने, पीयर रिव्यू प्रक्रिया को समझने और शोध की अकादमिक दृश्यता बढ़ाने के तरीकों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि शोध-पत्र की गुणवत्ता के लिए विषय की प्रासंगिकता, स्पष्ट शोध उद्देश्य, व्यवस्थित प्रस्तुति और विश्वसनीय निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में शोध की मौलिकता, अकादमिक ईमानदारी और नैतिकता पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शोधार्थियों को संदर्भों का उचित उल्लेख करने, साहित्यिक चोरी से बचने और निर्धारित अकादमिक मानकों का पालन करने के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने शोध पत्रिका का चयन करते समय उसकी विश्वसनीयता, संपादकीय नीति और समीक्षा प्रक्रिया का ध्यान रखने की आवश्यकता भी बताई।सिम्पोजियम में शोध कार्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंचों पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा उसकी पहचान बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को शोध प्रकाशन की प्रक्रियाओं और सर्वोत्तम पद्धतियों को समझने का अवसर मिला। यह आयोजन शोधार्थियों के लेखन कौशल को बेहतर बनाने और विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में उपयोगी रहा।
अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. सौबान सईद के मार्गदर्शन में आयोजित सिम्पोजियम का संयोजन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विषय प्रभारी डॉ. रुचिता सुजई चौधरी ने किया। सह-संयोजक के रूप में डॉ. शचीन्द्र शेखर, डॉ. काज़िम रिज़वी, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. रज़ा अब्बास हैदरी एवं डॉ. मो. नसीब ने आयोजन में सहयोग किया।





