बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में विश्व खाद्य दिवस समारोह के तहत विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में विश्व खाद्य दिवस समारोह के तहत विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित
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खाद्य सुरक्षा के लिए भारतीय मानकों का पालन जरूरी : एस.के. सिंह


*झाँसी।* बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में विश्व खाद्य दिवस समारोह के अंतर्गत ‘इनोवेट टुडे, नरिश टुमॉरो’ थीम पर खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों को लेकर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा इंडस्ट्री एकेडेमिया सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का विषय ‘एन्श्योरिंग फूड सेफ्टी थ्रू इंडियन स्टैंडर्ड्स’ रहा।

मुख्य वक्ता भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), नई दिल्ली के वरिष्ठ निदेशक एवं सेंट्रल मार्क्स डिपार्टमेंट-II के प्रमुख एस.के. सिंह ने कहा कि सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और वितरण के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता एवं स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने भारतीय मानक आईएस 2491:2024 तथा आईएस/आईएसओ 22000:2018 की जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली, गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी), गुड हाइजीन प्रैक्टिसेज (जीएचपी) और एचएसीसीपी प्रणाली के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों को जैविक, रासायनिक एवं भौतिक संदूषण से बचाने के लिए स्वच्छता, तापमान नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण तथा नियमित निगरानी आवश्यक है।

कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रो. शिव कुमार कटियार ने स्वागत करते हुए कहा कि ‘फार्म टू फोर्क’ अर्थात खेत से थाली तक भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक चरण में निर्धारित मानकों का पालन कर उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन इंजी. अंजलि श्रीवास्तव ने किया तथा डॉ. रवि कुमार ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग की समन्वयक डॉ. शुभांगी निगम, इंजी. श्रद्धा त्रिपाठी, डॉ. नूपुर गौतम एवं मनोज कुमार सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। व्याख्यान में बीटेक, बीएससी, एमएससी खाद्य प्रौद्योगिकी तथा कृषि के विद्यार्थियों ने खाद्य गुणवत्ता नियंत्रण, जोखिम प्रबंधन एवं सुरक्षित खाद्य उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

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