भाषा विश्वविद्यालय में स्टार्टअप उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल, शिक्षकों को सिखाए कंपनी गठन के गुर
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के सहयोग से ‘फैकल्टी एवं स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ का आयोजन किया...

ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के सहयोग से ‘फैकल्टी एवं स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ का आयोजन किया...
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के सहयोग से ‘फैकल्टी एवं स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया। ‘फ़्रॉम आइडियाज़ टू एंटरप्राइज़ : अंडरस्टैंडिंग लीगल एंटिटी फार्मेशन फॉर स्टार्टअप्स ’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्टार्टअप की स्थापना, कंपनी गठन, वित्तीय प्रबंधन और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी देना तथा विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम के शुरुआत में प्रो. सैयद हैदर अली, वाइस चेयरमैन, अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय में स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता एवं महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों को व्यावहारिक उद्यमों में परिवर्तित करने के लिए संस्थागत सहयोग की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने यूजीसी के वर्ष 2025 के संबंधित नियामकीय प्रावधानों के संदर्भ में उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
वहीं मुख्य वक्ता श्री नृपेन भट्ट, साउथ ईस्ट एशिया हेड, राफ्ट्स एंड रिवर्स एलएलसी ने स्टार्टअप स्थापना की प्रक्रिया को शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने विचार के चयन एवं विकास से लेकर कंपनी गठन, उपयुक्त कानूनी स्वरूप के चयन, वित्तीय ढाँचे के निर्माण, पंजीकरण और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं तक के विभिन्न चरणों की जानकारी सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को सुव्यवस्थित योजना के साथ सफल उद्यमों में बदलने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नवाचार एवं इन्क्यूबेशन को बढ़ावा देने में शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षकों को विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने, उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करने तथा शोध एवं नवाचार को उद्यमिता से जोड़ने के लिए सक्रिय प्रयास करने चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रुचिता सुजय चौधरी, सदस्य, अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. दोआ नकवी, डॉ. युशैरा, डॉ. शचींद्र, डॉ. काज़िम डॉ. नसीब सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।





