डिजिटल तकनीकों, स्मार्ट निर्माण और तकनीकी नवाचारों से रूबरू हुए सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘द फ्यूचर ऑफ कंस्ट्रक्शन: एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बीआईएम एंड...

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘द फ्यूचर ऑफ कंस्ट्रक्शन: एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बीआईएम एंड...
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘द फ्यूचर ऑफ कंस्ट्रक्शन: एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बीआईएम एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ विषय पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को निर्माण क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल परिवर्तन, बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM) तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना था।
वेबिनार की मुख्य वक्ता डॉ. उन्नति अग्रवाल ने निर्माण क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से निर्माण परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निगरानी एवं प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM) के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह तकनीक निर्माण परियोजनाओं के विभिन्न चरणों में बेहतर समन्वय, संसाधनों के कुशल उपयोग और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए उपयोगी है।
सत्र में विद्यार्थियों को निर्माण क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों, डिजिटल टूल्स के उपयोग और भविष्य की इंजीनियरिंग चुनौतियों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता विकसित करने और आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने के महत्व पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. कौशलेश कुमार शाह, डॉ. श्रेया जादोन, इंजीनियर आस्था चौरसिया, इंजीनियर मोहम्मद सलमान अंसारी एवं डॉ. आयुष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





