महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के गणित विभाग द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला 23-24 अक्टूबर...

आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के गणित विभाग द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला 23-24 अक्टूबर...
आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के गणित विभाग द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला 23-24 अक्टूबर 2026 तक हाइब्रिड मोड में आयोजित हो रही है, जिसका विषय "गणितीय मॉडलिंग, कंप्यूटिंग और अंतर्विषयक अनुसंधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता" है।
कार्यशाला की संरक्षिका कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल तथा पैट्रन कुलपति प्रो. संजीव कुमार हैं। कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशिका द्वारा कुलगीत से हुई। डॉ. अंकुर चौबे ने स्वागत भाषण दिया और अतिथियों का परिचय कराया। मंच का संचालन श्रेयांशी और शुभम ने किया।
*विशेषज्ञों ने रखे विचार
प्रो. प्रज्ञा अमृतलाल वाधेर, गुजरात ने कहा कि चुंबकीय तरल पर शोध बिना गणितीय मॉडल के संभव नहीं है और अब एआई ने इसे और अधिक सटीक बना दिया है।
प्रो. राकेश मणिलाल एच. पटेल ने कहा कि उनका 30 साल का अनुभव बताता है कि गणित अब सिर्फ श्यामपट तक सीमित नहीं है, एक समीकरण मशीन की उम्र बढ़ा सकता है।
डॉ. घनश्याम आर. पटेल ने कहा कि जीवन में कुछ भी शून्य या एक नहीं होता, फजी लॉजिक हमें अनिश्चितता में निर्णय लेना सिखाता है, यही एआई की आत्मा है।
डॉ. चिंतन पटेल ने कहा कि जीव विज्ञान का भविष्य डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और कंप्यूटिंग में है।
धन्यवाद ज्ञापन -
कार्यक्रम के अंत में डॉ. देव मणि दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा, "मैं माननीया कुलाधिपति, माननीय कुलपति, गुजरात से पधारे सभी विशिष्ट विद्वानों, त्रिशिका श्रीवास्तव , डॉ. अंकुर चौबे और मंच संचालक श्रेयांशी-शुभम सहित सभी सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। विशेष रूप से आयोजक श्री धीरज यादव के परिश्रम से ही यह कार्यशाला सफल हो पाई।"
इस अवसर पर डॉ. माणिक, डॉ. अक्षत द्विवेदी, धीरज यादव, डॉ. आरिफ, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. नसीम, डॉ. अर्चना पांडेय, डॉ. सचिन राय, डॉ. विभा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और 150 से अधिक शोधार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आयोजक धीरज यादव रहे।*





