बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में छह दिवसीय ‘प्रेरणा कैफे’ कार्यशाला शुरू, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
झाँसी, 27 अक्टूबर। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय...

झाँसी, 27 अक्टूबर। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय...
झाँसी, 27 अक्टूबर। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को छह दिवसीय ‘प्रेरणा कैफे’ कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र की 22 महिलाओं को कैफे संचालन, खाद्य सुरक्षा, बेकरी, लागत निर्धारण और डिजिटल मार्केटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपने कौशल को स्वरोजगार और उद्यमिता में बदल सकें।
विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएचएम) में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि झाँसी के मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड़ एवं आईएएस अधिकारी आयुष सैनी की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने की। इस अवसर पर आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कुमार कबिया एवं कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने महिला सशक्तिकरण में कौशल विकास की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्यमिता से जोड़कर उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह आसान बनाई जा सकती है। उन्होंने प्रतिभागी महिलाओं के उत्साह और स्वरोजगार के प्रति उनके संकल्प की सराहना की।
कार्यशाला के पहले दिन डॉ. आयुष सक्सेना ने आतिथ्य उद्योग में रोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं की जानकारी दी। इसके बाद डॉ. आस्था सिंह और शेफ अभिषेक जोशी ने खाद्य सेवा से जुड़ी प्रक्रियाओं, उपकरणों के उपयोग और कैफे संचालन की बारीकियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मेनू तैयार करने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा बनाए रखने, उत्पादों की लागत और मूल्य निर्धारित करने, व्यवसाय प्रबंधन, डिजिटल माध्यमों से प्रचार-प्रसार तथा बेकरी संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यशाला समन्वयक डॉ. नूपुर गौतम ने कार्यक्रम के उद्देश्यों और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आस्था सिंह ने किया तथा डॉ. प्रतिभा आर्या ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. ममता सिंह, डॉ. निष्ठा व्यास, डॉ. ज्योति मिश्रा एवं डॉ. गौरी खानवॉककर सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय की यह पहल स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को खाद्य सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए तैयार करने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





