बुंदेलखंड की भूगर्भीय विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा विश्वविद्यालय का संग्रहालय : रमा निरंजन
झाँसी। बुंदेलखंड की समृद्ध भूगर्भीय विरासत के संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का भूविज्ञान संग्रहालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा...

झाँसी। बुंदेलखंड की समृद्ध भूगर्भीय विरासत के संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का भूविज्ञान संग्रहालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा...
झाँसी। बुंदेलखंड की समृद्ध भूगर्भीय विरासत के संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का भूविज्ञान संग्रहालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह संग्रहालय विद्यार्थियों और शोधार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के साथ ही क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को समझने का अवसर भी देता है। यह बात विधान परिषद सदस्य रमा आर.पी. निरंजन ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के भूविज्ञान संग्रहालय का अवलोकन करते हुए कही।
झाँसी-ललितपुर-जालौन क्षेत्र की विधान परिषद सदस्य रमा आर.पी. निरंजन ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों एवं विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
इसके बाद उन्होंने भूविज्ञान विभाग स्थित संग्रहालय का भ्रमण किया। यहां प्रदर्शित दुर्लभ चट्टानों, विभिन्न प्रकार के खनिजों और जीवाश्मों के संग्रह में उन्होंने विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड प्राकृतिक संसाधनों और भूवैज्ञानिक विविधताओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में संग्रहालय न केवल विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ विकसित करने में सहायक है, बल्कि नई पीढ़ी को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी प्रभावी माध्यम है।
विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार सिंह ने संग्रहालय की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि यहां देश के विभिन्न हिस्सों से संकलित चट्टानों, खनिजों एवं जीवाश्मों के दुर्लभ और महत्वपूर्ण नमूने संरक्षित हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को पृथ्वी की संरचना, भूगर्भीय प्रक्रियाओं और खनिज संपदा का व्यावहारिक अध्ययन करने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि भूविज्ञान के क्षेत्र में शोध और नवाचार बुंदेलखंड में जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एमएलसी रमा निरंजन ने संग्रहालय के व्यवस्थित रखरखाव एवं शैक्षणिक उपयोगिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक संसाधन विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि उत्पन्न करने के साथ क्षेत्र की वैज्ञानिक और प्राकृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने में सहायक हैं।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि आर.पी. निरंजन, प्रो. एम.एम. सिंह, प्रो. शिव कटियार, डॉ. नवीन पटेल, डॉ. सुनील कुमार निरंजन एवं डॉ. पंकज निरंजन सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





