सहारिया जनजाति के उत्थान और करियर पर अटल एलुमनाई टॉक ने किया मार्गदर्शन

  • whatsapp
  • Telegram
सहारिया जनजाति के उत्थान और करियर पर अटल एलुमनाई टॉक ने किया मार्गदर्शन
X


बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, समाज कार्य विभाग में एलुमनाई टॉक का आयोजन

झाँसी। समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में समाज कार्य के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विशेष रूप से सहारिया जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। यह विचार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग की पूर्व छात्रा एवं परमार्थ संस्थान, झाँसी की सबल परियोजना की समन्वयक सुलेखा सिंह ने गुरुवार को आयोजित अटल एलुमनाई टॉक में व्यक्त किए।

उन्होंने सहारिया जनजाति के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों और जमीनी स्तर पर सामाजिक विकास की चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि समाज कार्य केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम है। इस क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए सामाजिक संस्थाओं, विकास परियोजनाओं और सामुदायिक कल्याण कार्यक्रमों में करियर की व्यापक संभावनाएं हैं।

अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए सुलेखा सिंह ने बताया कि विभाग में अध्ययन के दौरान शिक्षण, शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता ने उनके व्यावसायिक जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर ज्ञानवर्धन का महत्व समझाते हुए कहा कि बदलते समय के साथ स्वयं को अपडेट रखना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की जानकारी रखना सफलता के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं विश्वविद्यालय एलुमनाई सेल की समन्वयक प्रो. पूनम पुरी के निर्देशन में किया गया। अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. यतीन्द्र मिश्र ने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों के अनुभव वर्तमान छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के साथ करियर की नई संभावनाओं से परिचित कराते हैं। ऐसे आयोजन शिक्षा और कार्यक्षेत्र के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं।

इस दौरान विद्यार्थियों ने सामाजिक कार्य के क्षेत्र में रोजगार, प्रशिक्षण और करियर निर्माण से जुड़े सवाल पूछे, जिनका सुलेखा सिंह ने अपने अनुभवों के आधार पर समाधान किया।

कार्यक्रम का संचालन एलुमनाई सेल के सह-समन्वयक डॉ. अनूप कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. नेहा मिश्रा, श्रीमती गुंजा चतुर्वेदी, रत्नेश लिटोरिया, इकबाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में डॉ. अनूप कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया

Next Story
Share it