सीएसजेएमयू में उत्तर क्षेत्रीय अंतर-विश्वविद्यालय महिला शतरंज प्रतियोगिता का भव्य समापन; दिल्ली विश्वविद्यालय बना चैंपियन

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सीएसजेएमयू में उत्तर क्षेत्रीय अंतर-विश्वविद्यालय महिला शतरंज प्रतियोगिता का भव्य समापन; दिल्ली विश्वविद्यालय बना चैंपियन
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कानपुर।छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय अंतर-विश्वविद्यालय महिला शतरंज प्रतियोगिता 2026 का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 26 से 29 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न विश्वविद्यालयों की महिला शतरंज टीमों ने प्रतिभाग किया और अपनी खेल प्रतिभा, रणनीतिक कौशल तथा प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रोफेसर सुधांशु पांड्या, प्रति-कुलपति, सीएसजेएमयू उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. नवीन जीविगुंटा, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर पांडेय, डॉ. राजेश प्रताप सिंह, डॉ. श्रवण कुमार यादव, खेल सचिव शुभम हज़ारिया तथा संयुक्त खेल सचिव सौरभ तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने जीता खिताब

प्रतियोगिता के अंतिम परिणामों के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय ने छह मुकाबलों में पांच जीत और एक ड्रॉ के साथ कुल 11 मैच अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया और चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने पांच जीत और एक हार के साथ 10 मैच अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। मेजबान छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर ने चार जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ कुल 9 मैच अंक अर्जित कर प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। पंजाब विश्वविद्यालय 8 मैच अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।

सीएसजेएमयू की खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन

मेजबान विश्वविद्यालय की खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। आधिकारिक परिणाम सूची के अनुसार, बोर्ड-1 पर सीएसजेएमयू की सुमुखी शुक्ला ने छह मुकाबलों में 5.5 अंक अर्जित कर बोर्ड रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, बोर्ड-2 पर जिज्ञासा मीना ने छह मुकाबलों में 5 अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन विश्वविद्यालय के लिए विशेष उपलब्धि रहा और इससे प्रतियोगिता में सीएसजेएमयू की मजबूत उपस्थिति प्रदर्शित हुई।

अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया

समापन समारोह में अतिथियों ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, तार्किक चिंतन, धैर्य, अनुशासन और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ खेलते रहने तथा विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता का आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर ने कानपुर चेस एसोसिएशन (KCA) के सहयोग से किया। आयोजन के सफल संचालन में टूर्नामेंट डायरेक्टर दिलीप श्रीवास्तव, मुख्य निर्णायक एफए सतेंद्र सिंह तथा निर्णायक मंडल के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस प्रतियोगिता ने महिला शतरंज खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव प्राप्त करने और खेल भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

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