अकादमिक यात्रा की शुरुआत क्लासरूम से होती है, यहीं से बनती है विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा : कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय

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अकादमिक यात्रा की शुरुआत क्लासरूम से होती है, यहीं से बनती है विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा : कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय
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क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में शानदार उपलब्धि, देश में 194वां और प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पांचवां स्थान, भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित

झाँसी। किसी भी विश्वविद्यालय की अकादमिक यात्रा की शुरुआत क्लासरूम से होती है। कक्षा में बेहतर शिक्षण से विद्यार्थियों के मन में संस्थान के प्रति सकारात्मक धारणा बनती है, जो आगे चलकर शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों, टीमवर्क और आपसी समन्वय को मजबूत करती है। यही सकारात्मक सोच और कार्यसंस्कृति में बदलाव किसी विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। यह विचार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने शुक्रवार को कुलपति कॉन्फ्रेंस हॉल में QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में विश्वविद्यालय की उपलब्धि पर आयोजित अभिनंदन समारोह में व्यक्त किए।

कुलपति प्रो. पांडेय ने कहा कि QS एशिया जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय की उपस्थिति और बेहतर प्रदर्शन अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में सीमित संसाधनों, पर्याप्त सरकारी अनुदान के अभाव, हवाई संपर्क की सीमाओं तथा क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक प्रतिष्ठा अर्जित करना आसान नहीं रहा है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध उपलब्धियों से वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित की है।उन्होंने इस सफलता में योगदान देने वाले सभी विभागों एवं संबंधित टीमों को बधाई दी। विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा के प्रति भी इस अवसर पर आभार व्यक्त किया गया।

यह सकारात्मक बदलाव किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

कुलपति ने कहा कि वैश्विक रैंकिंग में बेहतर स्थान प्राप्त करने के लिए शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शोध, शोधपत्रों के लेखन एवं प्रकाशन तथा उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान देना होगा। शोध कार्य केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित न रहकर समाज की आवश्यकताओं और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान से भी जुड़ना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों का पूरी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

प्रो. पांडेय ने कहा कि बदलते शैक्षिक परिवेश में बड़े बजट और पर्याप्त संसाधनों वाले कई प्रतिष्ठित संस्थानों को भी वैश्विक रैंकिंग में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बावजूद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरणा, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि टीमवर्क, सकारात्मक अकादमिक छवि और कठिन परिश्रम से विश्वविद्यालय प्रगति के नए सोपान हासिल करेगा।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान एवं नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संस्थागत विकास के माध्यम से राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और सुदृढ़ करना है।

इस अवसर पर उन्होंने सभी को दीपोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं।

शोध की गुणवत्ता में प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में प्रथम

इससे पूर्व आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कबिया ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से QS एशिया सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को एशिया में 1101–1200 रैंक बैंड, भारत में 194वां, दक्षिण एशिया में 354वां तथा उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है।

शोध की गुणवत्ता के महत्वपूर्ण मानक 'साइटेशंस पर पेपर' में विश्वविद्यालय ने 70.7 अंक प्राप्त कर उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल किया है। इस श्रेणी में विश्वविद्यालय एशिया में 303वें तथा भारत में 18वें स्थान पर रहा। वहीं, पीएचडी उपाधिधारक शिक्षकों के मानक में विश्वविद्यालय को 72.8 अंक प्राप्त हुए हैं।

कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार ने कहा कि कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है। इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का संकल्प लेना होगा। सामूहिक प्रयास और कर्तव्यनिष्ठा से ही विश्वविद्यालय नई उपलब्धियां हासिल कर सकेगा।

वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रो. मुन्ना तिवारी ने कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति में आए सकारात्मक बदलाव और विकास यात्रा का उल्लेख किया।

कुलपति सहित शिक्षकों और अधिकारियों का सम्मान

कार्यक्रम की शुरुआत में आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कबिया ने कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर तथा वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह का भी सम्मान किया गया।

समारोह के अंत में कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय को शॉल एवं QS रैंकिंग स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धि में योगदान देने वाले शिक्षकों के साथ कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर तथा आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कबिया को शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कबिया ने किया।

इस अवसर पर विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. आलोक वर्मा, प्रो. वी.के. सिंह, प्रो. अर्चना वर्मा, प्रो. अमरजोत वर्मा, प्रो. मुन्ना तिवारी, डॉ. नूपुर गौतम, डॉ. गौरी, डॉ. शिप्रा वशिष्ठ, प्रोफेसर ब्रजेश कुमार चौरसिया, डॉ. सुनील त्रिवेदी, डॉ. संजीव श्रीवास्तव, डॉ. आशिक अहिरवार, डॉ. सुमिरन श्रीवास्तव, डॉ. अनुपम व्यास, डॉ राघवेन्द्र दीक्षित, प्रोफेसर काव्या दुबे अतीत विजय, अनिल बौहरे एवं अतुल खरे सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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