139 वें स्थापना दिवस पर नए भविष्य की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता इलाहाबाद विश्वविद्यालय

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139 वें स्थापना दिवस पर नए भविष्य की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव द्वारा अपने कार्यकाल में 400 से अधिक नए शिक्षकों की तथा 600 गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति करी गई । विश्वविद्यालय तथा डिग्री कॉलेज के शिक्षकों के प्रमोशन, और संगठक महाविद्यालयों में rationalization का कार्य पूर्ण करवा कर गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती के मार्ग को प्रशस्त किया गया। विशेष रूप से 5 महाविद्यालयों में प्राचार्य की पुनर्नियुक्ति तथा 3 महाविद्यालयों में प्राचार्य की नव नियुक्ति कर सभी संघटक महाविद्यालयों में प्रशासनिक कार्य सुगम करने के मार्ग प्रशस्त करे गए।

विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति का सफलता पूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत छात्रों को विशेष रूप से लगभग 200 इलेक्टिव पढ़ाये जा रहें है जो छात्रों को लाइफ़ स्किल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के गुण सीखने के उद्देश्य से बनाए गये है।

इसके साथ लगभग 10 इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करें हैं जो नवीनतम क्षेत्रों में रोजगारपरक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा वर्षों के बाद पुनः आई ए एस पीसीएस परीक्षाओं में बड़ी संख्या में नियुक्ति और अन्य अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्साहजनक नतीजे दिए जा रहे हैं जो विश्वविद्यालय को प्रतियोगी परीक्षाओं के गढ़ तथा आई ए एस की फैक्ट्री के रूप में पुनर्स्थापित कर रहा है।

छात्रों को अधिकाधिक सुविधाएं प्रदान करने की कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव की प्रतिबद्धता के दिशा में तीन नए हॉस्टल बनवाए गए है। ऐतिहासिल ए एन झा हॉस्टल का पुनर्निर्माण किया गया है, और हिंदू छात्रावास की विशिष्ट धरोहर को प्राप्त कर उसका पुनर्निर्माण कर छात्रों के लिए सुविधा के रूप में विकसित किया गया है। दो अन्य छात्रावासों जी एन झा तथा ताराचंद छात्रावास के पुनर्निर्माण का कार्य प्रगति पर है। सभी अन्य छात्रावासों में जरूरी रख रखाव तथा नियमित साफ सफाई के अभियान चलाए जाते हैं।

छात्रों को खेल कूद की सुविधा के लिए हॉकी, क्रिकेट, बास्केट बॉल बैडमिंटन टेनिस, फुटबॉल आदि के कोच तथा मैदान विकसित किए गए हैं और छात्रों के खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित होती रहती हैं।

छात्रों के लिए विभिन्न एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज जैसे डिबेट, कला प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक गतिविधियों, और वार्षिक पुरा छात्र सम्मेलन के अवसर पर कला मेलों का आयोजन किया जाता है।

विश्वविद्यालय के सभी परिसरों के वृहद सुंदरीकरण तथा बगीचों के रख रखाव किए जाते हैं। तथा छात्र हर तरफ अनुशासन के साथ पठान पाठन में व्यस्त रहते हैं।

विश्वविद्यालय में एक अर्ली चाइल्डहुड केयर सेंटर भी स्थापित किया गया है ताकि शिक्षक अपने शिशुओं को एक आरामदेह और सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षित टीम की देखरेख में छोड़ कर अपने पठन पाठन को निर्बाध रूप से कर सकें।

अकादमिक सक्रियता का एक अन्य पक्ष है विभिन्न विभागों द्वारा नियमित रूप से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार और कॉन्फ्रेंस आयोजित करी जाती हैं और देश और दुनिया भर से विशिष्ट विशेषज्ञ नियमित रूप से आते रहते हैं। इसके साथ पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में शिक्षकों को यूजीसी, डीबीटी, डीएसटी, आई सी एस एस आर आदि संस्थानों द्वारा प्रोजेक्ट मिल रहे हैं जिससे शोध को नई गति मिली है।

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