जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल पर अस्थायी रूप से रोक....

जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल पर अस्थायी रूप से रोक....


कोरोना के वैक्सीन की उम्मीद लगाए लोगों को एक और झटका लगा है। जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना को लेकर किए जा रहे अपने क्लिनिकल ट्रायल को अस्थायी रूप से रोक दिया है। कंपनी की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि उसने एक अध्ययन प्रतिभागी में एक अस्पष्टीकृत बीमारी के कारण अपने ट्रायल को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का कहना है अस्थाई रूप से अभी कोर लगाई गई है। सितंबर में, AstraZeneca AZN.L ने अपने वैक्सीन के अंतिम चरण के ट्रायल पर रोक लगा दी थी। यह रोक ब्रिटेन के एक वॉलंटियर को लेकर लगाई गई है। हालांकि यूके, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और भारत में परीक्षण फिर से शुरू हो गए हैं, लेकिन अमेरिकी में ट्रायल अभी शुरू नहीं हो पाया है।

हालांकि, कंपनी ने वॉलंटियर की गोपनीयता का हवाला देते हुए बीमारी के बारे में अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। इस महीने की शुरुआत में जॉनसन एंड जॉनसन अमेरिका में वैक्सीन बनाने वालों की शॉर्ट लिस्ट में शामिल हुआ है। जॉनसन एंड जॉनसन की एडी26-सीओवी2-एस वैक्सीन अमेरिका में चौथी ऐसी वैक्सीन है, जो क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में है।

कोरोना की वैक्सीन बनाने की रेस में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन सबसे आगे चल रही थी, लेकिन बीते दिनों कुछ वॉलंटियर की कोविशील्ड वैक्सीन लेने के बाद तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद 6 सितंबर तीसरे फेज का ट्रायल रोकना पड़ा। हालांकि,ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ब्रिटेन और भारत में दोबारा ट्रायल शुरू हो चुका है। अमेरिका या अन्य देशों ने अभी दोबारा मंजूरी नहीं मिल पाई है।

अराधना मौर्या

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