विश्व कैंसर दिवस (चार फरवरी) पर विशेष :इलाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है जागरूकता

विश्व कैंसर दिवस (चार फरवरी) पर विशेष :इलाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है जागरूकता


वाराणसी, 03 फरवरी 2021 –

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही लोगों में भय पैदा हो जाता है। यह एक ऐसी जानलेवा और गंभीर बीमारी है जिससे सबसे ज्यादा लोगों की मृत्यु होती है। यह बीमारी पूरे विश्व में फैल चुकी है, इस बीमारी की चपेट में सबसे अधिक मरीज़ हैं। इसकी रोकथाम करने और जागरूकता फैलाने के लिए हर साल चार फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।

कैंसर से संबंधित सही जानकारी लोगों तक पहुंचे, इस दिशा में प्रयास किया जाता है। तेजी से फैल रही इस बीमारी में स्तन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, ब्लड कैंसर, फेफड़ों का कैंसर और पेट का कैंसर सहित और भी नए तरह के कैंसर आ गए हैं। वर्ष 2019 से लेकर 2021 तक तीन साल के लिए विश्व कैंसर दिवस की थीम "मैं हूं और मैं रहूंगा – (आई एम एंड आई विल)" रखी गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीबी सिंह ने बताया कि गैर संचारी रोग एवं कैंसर स्क्रीनिंग के लिए विशेष अभियान सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से चलाया जा रहा है जिसमें विशेषकर 30 वर्ष से ऊपर की सभी महिलाओं की स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुख का कैंसर, मधुमेह, हाईपर्टेंशन आदि की निःशुल्क जांच और चिन्हित कर उच्चीकृत इकाइयों में संदर्भित किया जा रहा है। इसके साथ ही तंबाकू से होने वाले कैंसर और दुष्प्रभाव को कम करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में मौजूद जिला तंबाकू नियंत्रण इकाई के माध्यम से निःशुल्क परामर्श और उपचार दिया जा रहा है। समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर निःशुल्क जांच, उपचार और परामर्श प्रदान किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नीति आयोग के द्वारा होमी भाभा कैंसर अस्पताल से एक समझौता ज्ञापन किया है, जिसमें सेवापुरी और काशी विद्यापीठ ब्लॉक के स्वास्थ्यकर्मियों को कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए प्रशिक्षण, कैपिसिटी बिल्डिंग, आशा-एएनएम को महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग आदि के लिए कार्य किया जा रहा है।

नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ पीपी गुप्ता ने बताया कि विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य लोगों में कैंसर के लक्षणों को पहचानने के लिए प्रयास करना, उनमें जागरूकता बढ़ाना, लोगों को शिक्षित करना है। इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस की थीम "मैं हूं और मैं रहूंगा - (आई एम एंड आई विल)" रखा गयी है। इस दिवस को मनाने का लक्ष्य कैंसर के संबंध में फैली गलत धारणाओं को भी कम करना है। इससे संबंधित सही जानकारी को लोगों तक पहुंचाना भी है। तेजी से फैल रही इस बीमारी में स्तन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, ब्लड कैंसर, फेफड़ों का कैंसर और पेट का कैंसर समेत और भी नए तरीके के कैंसर के बारे में लोगों को जागरूक करना है।

सबसे पहले विश्व कैंसर दिवस वर्ष 1993 में जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल के द्वारा मनाया गया। विश्व कैंसर दिवस की स्थापना यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल के द्वारा की गई। इस दिवस को मनाने का प्राथमिक उद्देश्य कैंसर पीड़ित व्यक्तियों की संख्या को कम करना और इसके कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना है। लोगों में कैंसर के लक्षणों को पहचानने के लिए प्रयास करना, उनमें जागरूकता बढ़ाना, लोगों को शिक्षित करना है, इतना ही नहीं इस दिवस को मनाने का लक्ष्य कैंसर के संबंध में फैली गलत धारणाओं को भी कम करना है।

कैंसर के कुछ लक्षण

• स्तन या शरीर के किसी अन्य भाग में कड़ापन या गांठ।

• एक नया तिल या मौजूदा तिल में परिवर्तन।

• कोई ख़राश जो ठीक नहीं हो पाती।

• स्वर बैठना या खाँसी न हटना।

• आंत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन।

• खाने के बाद असुविधा महसूस करना।

• निगलने के समय कठिनाई होना।

• वजन में बिना किसी कारण के वृद्धि या कमी।

• असामान्य रक्तस्राव या डिस्चार्ज।

• कमजोरी लगना या बहुत थकावट महसूस करना।

कैंसर की रोकथाम-

कैंसर होने के खतरे को कम करने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं:

• तंबाकू उत्पादों का प्रयोग न करें।

• कम वसा वाला भोजन करें तथा सब्जी, फलों और समूचे अनाजों का उपयोग अधिक करें।

• नियमित व्यायाम करें।

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