डॉक्टर ने बताई ऑक्सीजन लेवल कम होने की वजह कहा- मानसिक तनाव से भी घट रहा ऑक्सीजन का प्रतिशत....

डॉक्टर ने बताई ऑक्सीजन लेवल कम होने की वजह कहा- मानसिक तनाव से भी घट रहा ऑक्सीजन का प्रतिशत....



कोरोनावायरस की दूसरी लहर में जो सबसे बड़ा खतरा संक्रमित लोगों के सर पर मंडरा रहा है,वह ऑक्सीजन लेवल घटने का डर। जिसकी वजह से अधिकतर मौतें दर्ज की जा रही है। आपको बता दें कि अज्ञानता के कारण भी लोगों की मानसिक स्थिति खराब हो रही है ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि ऑक्सीजन का सेचुरेशन कई अवस्थाओं पर निर्भर करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब आप बहुत घबराए हुए होते हैं तो ऑक्सीजन लेवल कम से कम 4% तक कम हो जाता है। इसलिए ऑक्सीजन के सेचुरेशन लेवल को लेकर सतर्कता तो बरतें ही, लेकिन बहुत ज्यादा परेशान कतई न हों।

विशेषज्ञों ने बताया कि महामारी के दिनों में पल्स ऑक्सीमीटर लोगों की जरूरत बन रहा है जो प्रत्येक घंटे ऑक्सीजन का स्तर नाप कर अपनी दिल की धड़कनों को लगातार बढ़ा रहे हैं। आपको बता दें कि बाराबंकी जिला चिकित्सालय के डॉक्टर एसके सिंह का दावा है कि जितनी ज्यादा घबराहट होती है ऑक्सीजन लेवल उतना ही घटता चला जाता है।

जिसकी वजह से ऑक्सीजन लेवल में 2 से 4 फ़ीसदी की गिरावट आती है, यानी मरीज पहले ठीक रहता है परंतु बाद में उसकी तकलीफ बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि महामारी के दौर में सभी लोग डरे हुए हैं परंतु लोगों को चाहिए कि वह मानसिक तनाव ना करें। जिससे वह इस बीमारी से लड़ने में भी सक्षम होंगे और उन्हें ऑक्सीजन के लिए हॉस्पिटल की दौड़ भी नहीं लगानी पड़ेगी।

वहीं के जिला क्षय अधिकारी डा. एके वर्मा के मुताबिक घबराहट और बेचैनी से हृदय की धड़कन बढ़ जाती है। इसलिए खून तेज दौड़ान के साथ नसों में आता है। लोग इंडेक्स फिंगर पर ऑक्सीमीटर लगाते हैं। तो उसकी रीडिंग मरीज के वास्तविक ऑक्सीजन लेवल से कम अथवा ज्यादा बताती है। डाक्टर एके वर्मा की सलाह है कि लोग ऑक्सीमीटर पर नहीं, बल्कि अपने स्वस्थ होने की इच्छाशक्ति पर भरोसा करें।

नेहा शाह

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