लखनऊ विश्वविद्यालय में हुआ वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन.....

लखनऊ विश्वविद्यालय में हुआ वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन.....


2021 में कोरोना महामारी के दोबारा आगमन के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय फिर से इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार हो चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल ही में यह सूचना जारी की थी कि विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्य के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय परिसर में ही कोरोना की वैक्सीन दिलाने का प्रबंध किया जाएगा। इस संदर्भ में आज 21 मई 2021 को लखनऊ विश्वविद्यालय में पहला वैक्सीनेशन कैंप संपन्न हुआ। कैंप के समन्वयक प्रो अमिता कनौजिया ने बताया कि विश्व विद्यालय परिवार के कुल 110 सदस्य ने आज वैक्सीनेशन का पहला डोसेज ग्रहण किया।





प्रोफेसर कनौजिया ने यह सूचना दी कि 18 साल से 45 साल की आयु तक के विश्वविद्यालय के सदस्यों को भी वैक्सीनेशन करवाने का मौका मिलेगा और इस विषय में डिस्ट्रिक्ट इम्यूनाइजेशन ऑफिसर के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय की बात चल रही है। आज के कैंप में वैक्सीनेशन के साथ-साथ इच्छुक लोगों की RT-PCR जांच भी की जा रही थी और प्रो कनौजिया ने बताया कि 118 लोगों ने आज अपना RT-PCR टेस्ट करवाया, जिनमे विश्वविद्यालय में रह रहे सभी अंतर राष्ट्रीय छात्र शामिल थे। वैक्सीनेशन अलीगंज स्थित अर्बन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की 10 सदस्यीय टीम ने संपन्न करवाई जिसमे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी दीवानचंद वर्मा सहित एन एम ए संजय शर्मा, ए एन एम बिंदु, निर्मा, अलका, मंजू, एल टी अटल, अमरपाल, ममता, और ड्राइवर शिवम शामिल थे।





कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय परिवार के हर एक सदस्य के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन का और उनके स्वयं का सबसे बड़ा कर्तव्य है। इसी कर्तव्य के निर्वाहन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदेश सरकार के साथ मिलकर यह वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुवात की है। उन्होंने यह भी बताया वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए विश्वविद्यालय के 3 बड़े कमरे निर्धारित किए गए थे जिसमें सबसे पहले मालवीय सभागार में पूरे कोविड प्रोटोकॉल के साथ वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया, उसके बाद हरि कृष्ण अवस्थी सभागार में बैठे डॉक्टरों ने वैक्सीनेशन किया और उसके बाद तीसरे कमरे में वैक्सीन लगे लोगों को ऑब्जरवेशन के लिए आधे घंटे तक बैठाया गया। पूरे कैंप के दौरान सभी स्तर पर संपूर्ण रुप से सभी को भी प्रोटोकॉल को ध्यान में रखा गया।

अराधना मौर्या

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