कोरोना महामारी के चलते अब 2 से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन का ट्रायल करने की DCGI ने दी मंजूरी....

कोरोना महामारी के चलते अब 2 से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन का ट्रायल करने की DCGI ने दी मंजूरी....

कोरोनावायरस की दूसरी लहर के बीच कोविड के खिलाफ वैक्सीनेशन ड्राइव को तेजी दिए जाने पर जोर है. चूंकि तीसरी लहर का भी डर है, ऐसे में 18 साल के कम आयु वर्ग को भी कोविड के खिलाफ वैक्सीन देने की वकालत की जा रही है.

इस बीच ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ने भारत में इस आयु वर्ग के लोगों में कोवैक्सीन वैक्सीन के ट्रायल को मंजूरी दे दी है. मंजूरी के बाद 2 से 18 साल के आयु वर्ग को लोगों में अब कोवैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल होगा. कोवैक्सीन की निर्माता कंपनी भारत बायोटेक 525 स्वस्थ वॉलंटियर्स में इस वैक्सीन का ट्रायल करेगी.

उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में देश में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है. इस लहर में स्वास्थ सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है. लगातार मौतें हो रही हैं और ऑक्सीजन की किल्लत है. विशेषज्ञों के मुताबिक देश में कोरोना की पहली लहर बुजुर्गों के लिए खतरा बनी थी

जबकि दूसरी लहर युवा आबादी के लिए खतरनाक साबित हुई थी. विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर सितंबर तक आ सकती है.

यही कारण है कि एक्सपर्ट्स ने अलर्ट करते हुए कहा है कि तीसरी लहर में बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा.

अराधना मौर्या

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