वायरस से लड़ने की क्षमता देगी वैक्सीन जाने कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोगों को कब करवाना चाहिए वैक्सीनेशन....

वायरस से लड़ने की क्षमता देगी वैक्सीन जाने कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोगों को कब करवाना चाहिए वैक्सीनेशन....


भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के साथ अब तीसरी लहर की दस्तक जल्द ही होने वाली है,जिसकी घोषणा वैज्ञानिकों द्वारा कर दी गई है तथा बीते बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी राज्य और केंद्र सरकार को कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए सावधान किया है।

इस दौरान संक्रमण के खतरे से बचने के लिए सरकार की तरफ से वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है। आपको बता दें कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में 1 मई से 18 साल से ऊपर की सभी आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। जिसमें जो लोग अभी तक कोविड-19 से संक्रमित नहीं हुए हैं, वे बचने के लिए वैक्सीन लगवा रहे हैं, परंतु चिकित्सकों के अनुसार वैक्सीन सभी वर्गों को लगवानी चाहिए भले ही वह कोविड-19 से संक्रमित हो या नहीं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगी है ऐसे लोग जल्द ही स्वस्थ होकर घर लौट जा रहे हैं। ऐसे में अधिकतर लोग चिकित्सकों से सलाह ले रहे हैं कि वायरस से संक्रमित होने के बाद जब हम स्वस्थ हो तो वैक्सीनेशन कैसे करवाएं।

कोरोनावायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन के लगवाने के बारे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि सामान्य लोग कभी भी वैक्सीन लगवा सकते हैं, परंतु जो लोग अभी संक्रमण से ठीक हो कर घर लौटे हैं उन्हें वैक्सीन कुछ हफ्ते बाद ही लगानी चाहिए। इसके पीछे की वजह ये है कि कोविड मरीज को रिकवरी के दौरान नेचुरल इम्यूनिटी मिल जाती है और उनके अंदर मौजूद एंटीबॉडीज भी उन्हें सुरक्षा प्रदान करते हैं लिहाजा उन्हें कुछ हफ्ते रुककर कोरोना वैक्सीन की डोज लेनी चाहिए।

इसी के साथ वैज्ञानिकों ने बताया कि यदि वैक्सीन लगाया हुआ कोई भी व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित होता है तो उसकी रिकवरी 99 प्रतिशत मानी जाती है। क्योंकि अभी तक प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार जिन भी व्यक्ति को वैक्सीन लगी है, वे स्वस्थ होकर घर जरूर लौटे हैं। इसी के साथ उन्होंने वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को एकमात्र शस्त्र बताया जिसके जरिए वायरस से बचा जा सकता है।

नेहा शाह

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