यमन में गृहयुद्ध फिर शुरू, तेल कीमतों में उछाल
चार साल के युद्धविराम के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ने से यमन में गृहयुद्ध फिर से शुरू हो गया है। यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने...
चार साल के युद्धविराम के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ने से यमन में गृहयुद्ध फिर से शुरू हो गया है। यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने...
चार साल के युद्धविराम के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ने से यमन में गृहयुद्ध फिर से शुरू हो गया है। यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को खदेड़ने और कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए फौज भेजना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति राशद अल-अलीमी ने रविवार को इसका ऐलान करते हुए कहा कि सरकारी सेना पूरे यमन में राज्य का नियंत्रण बहाल करेगी। यमन में हूतियों का करीब एक-तिहाई इलाके पर नियंत्रण है।
यहां देश की करीब 80% आबादी रहती है। यही वजह है कि हूतियों का क्षेत्रफल कम होने के बावजूद उनका देश की आबादी और अहम शहरों पर बड़ा प्रभाव है। यमन के राशद अल-अलीमी ने कहा कि सरकार की आर्म्ड फोर्स तब तक हमला करती रहेंगी जब तक देश आतंकवादी मिलिशिया के कब्जे से आज़ाद नहीं हो जाता। इस बीच, हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने राजधानी रियाद और कुरैस इलाके में सऊदी सरकार की तेल कंपनी 'अरामको' की सुविधाओं को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया।
इससे क्षेत्र के शीर्ष तेल निर्यातक सऊदी अरब में तेल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसका असर तेल की कीमतों पर दिखा। आज तेल की कीमतों में बड़ी तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 81 सेंट यानी 0.79 प्रतिशत बढ़कर 103.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड 46 सेंट यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 91.57 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।





