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हेल्थ: इनसें बचना है, तो रात 9 से सुबह 5 तक रहें ज्यादा सावधान! -

हेल्थ: इनसें बचना है, तो रात 9 से सुबह 5 तक रहें ज्यादा सावधान! -

अंकिता सिंह
सभी के लिए घर एक ऐसी जगह है जहाँ वह खुद को सुरक्षित महसूस करता हैं ।क्या हो? अगर घर पर ऐसा कुछ हो जो हम सभी के लिए जानलेवा और हानिकारक साबित हो ? जी हाँ! हम बात कर रहें (फीमेल एनोफेलेस) की यानी मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों की,जो छुपे रहते हैं घर के खाली कोने में। इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि किस तरह मच्छर हमारे और हमारे परिवार के लिए हानिकारक हैं। मलेरिया फ़ैलाने वाली यह मादा मच्छर रात 9 से लेकर सुबह 5 बजे तक ज्यादा सक्रिय रहती हैं,और यही वह समय होता है जब हमें अधिक सावधान रहने की जरुरत होती हैं।
मलेरिया से जुडी कुछ ऐसी बातें जो हम सभी के लिए जनना बेहद जरुरी हैं, आमतौर पर हम इन् बातों पर ध्यान नहीं देते और जरुरी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, मलेरिया गंभीर और घातक बीमारी हैं परजीवी द्वारा संक्रमित मच्छरों द्वारा फैलती हैं,गर्म जलवायु में ये बीमारी ज्यादा पनपती है।नमी और बारिश वाली जगहों पर इनकी अधिकता होती हैं।
मलेरिया मुख्या रूप से चार तरह की होती हैं -
प्लास्मोडियम विवैक्स: यह मलेरिया विश्व भर में फैली हुयी है , मुख्या रूप से भारत में पायी जाती हैं, विश्व भर में 60 प्रतिशत मामले प्लास्मोडियम के पाए जाते हैं। इस बीमारी में मृत्यु या किसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता हैं. इसके लक्षण थकान , ठंड लगना और फ्लू के सामन होते हैं।
प्लास्मोडियम ओवले; मुख्या रूप से अफ्रीका के छेत्र में पाया जाता हैं, जिसमे लाइबेरिया , घाना ,और नाईजीरिया शामिल हैं। यह सबसे दुर्लभ प्रकार का मलेरिया हैं ।वर्षो तक मच्छर काटने के बाद परजीवी लम्बे समय के लिए शारीर में रहता हैं, और नुक्सान पहुचाता हैं।
प्लास्मोडियम मलेरिया; इस प्रकार के मलेरिया अमेरिका ,अफ्रीका और एशिया कुछ भागो में पाए जाते हैं.मुख्या रूप से यह घातक नहीं माने जाते हैं।यह विश्व भर में तीसरे स्थान पर सबसे ज्यादा पाए जाने वाली मलेरिया है.इसके सामान्य लक्षण बुखार और ठंड लगाना हैं।
प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम; मलेरिया से संबंधित मौतों की सबसे बड़ी संख्या एशिया,अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में पायी जाती हैं। इसके लक्षणों में शामिल है चक्कर आना, शारीर में दर्द रहना ,बुखार, सरदर्द आदि।
बचाव और निवारण-1 पूरे कपडे पहने और मच्छरों के काटने से बचे2 पानी को घर के पास इकट्ठा ना होने दें3 अपने आस पास साफ़ सफ़ाई रखे4 कीट नाशक छिडकाव करें

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