आखिर क्यू इरिटेटिंग लगते हैं,सुबह के अलार्म टोन

आखिर क्यू इरिटेटिंग लगते हैं,सुबह के अलार्म टोन

अंकिता सिंह-
लोग अक्सर सुबह उठने के लिए,रात को सोते वक़्त अलार्म सेट करते हैं। लेकिन आप ने ध्यान दीया होगा कि, अलार्म में बजने वली टोन आपकी पसंदीदा ही क्यू ना हो ,सुबह के समय वो इरिटेट कर देती है,और आप उसे सुनना नही चाहते ।
आपको बता दें ऐसा होने के पीछे इसकी साइंटिफिक वजह है। एक स्टडी में पाया गया कि, अलार्म जैसे कार हॉर्न या किसी के चिल्लाने की आवाज रिपीटिव साउंड फ्लक्चुएशंस से बने होते हैं जिनकी फ्रीक्वेंसी 40 और 80 हर्ट्ज होती है। अलार्म बजने पर दिमाग का वह हिस्सा ऐक्टिवेट नहीं होता जो सामान्य आवाज में होता है बल्कि ज्यादा अडवांस्ड हिस्सा ऐक्टिवेट हो जाता है।
वैज्ञानिकों के मानना है कि, 40 से 80 हर्ट्ज का साउंड लोगों से बर्दाश्त नहीं होता यही फ्रीक्वेंसी अलार्म, इंसानों और बच्चों के चिल्लाने की होती है। जिस वजह से हमे सुबह का अलार्म इरिटेटिंग लगता है।

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