अगर पाकिस्तान कश्मीर -कश्मीर कर रहा है तो भारत को बलूचिस्तान- बलूचिस्तान कहना चाहिए
पाकिस्तान लगातार भारत के आंतरिक मसले में बयान बाजी कर रहा है। पाकिस्तान ना सिर्फ बयान बाजी कर रहा है बल्कि वह यूनाइटेड नेशन से लेकर हर जगह कश्मीर का राग अलाप रहा है। पाकिस्तान से मुकाबला करने के लिए हमें उसी की रणनीति अपनानी होगी डिफेंसिव होने की जगह पाकिस्तान की कमजोरी पर प्रहार करना होगा।अगर भारत बलूचिस्तान का मुद्दा उठाने लगे तो पाकिस्तान अपने आप डिफेंसिव हो जाएगा और भारत को मौका मिल जाएगा पाकिस्तान को इंटरनेशनल फोरम पर बेनकाब करने का। पाकिस्तान के जो लोग हैं उन्हें बहुत सारे ऐसे ग्रुप हैं जो पाकिस्तान सरकार से अलग होना चाहते हैं ,भारत को ऐसे लोगों को ना सिर्फ मदद करनी चाहिए बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच भी प्रदान करवाना चाहिए जिससे वह पाकिस्तान के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर सके। पाकिस्तान अभी भी मध्ययुगीन मानसिकता में जी रहा है जो उसके हथियारों के नामकरण से स्पष्ट हो जाता है। अपनी मिसाइलों का नाम गजनवी गौरी ,बाबर रखने का सिर्फ एक ही कारण है कि इन लोगों ने भारत पर हमला किया और यहां के लोगों को लूटा मारा। पाकिस्तान का जन्म दो राष्ट्र सिद्धांत के आधार पर हुआ जहां वह अपने आप को मुसलमानों का मसीहा मानता है ।वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में रह गए हिंदुओं को ना सिर्फ धीरे-धीरे खत्म कर दिया गया बल्कि अब उनकी संख्या 40 से 50 लाख के करीब ही रह गई है।पाकिस्तान के गजनवी और गौरी मानसिकता से निपटने के लिए भारत को चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य के साहस की जरूरत है जिससे पाकिस्तान को करारा जवाब मिल सके।