झांसी, 19 सितंबर। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएचएम) में आयोजित दो दिवसीय हाउसकीपिंग सप्ताह समारोह का शनिवार को विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नवाचार, पाक-कौशल और उद्यमशीलता के प्रदर्शन के साथ समापन हुआ। समारोह के दूसरे दिन फ्लावर आर्ट तथा ‘रीइमैजिनिंग आर्ट–वेस्ट टू बेस्ट’ प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न खाद्य स्टॉल लगाए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

फ्लावर आर्ट प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने फूलों और प्राकृतिक सामग्री के रचनात्मक संयोजन के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा एवं सौंदर्यबोध का प्रदर्शन किया। वहीं ‘वेस्ट टू बेस्ट’ प्रतियोगिता में अनुपयोगी एवं अपशिष्ट सामग्री को आकर्षक और उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित कर विद्यार्थियों ने नवाचार एवं रचनात्मक सोच का परिचय दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से सततता, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण का संदेश भी दिया गया।

आईटीएचएम के प्रमुख प्रो. देवेश निगम ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष में प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों में लागू करने का अवसर प्रदान करते हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों में टीमवर्क, नेतृत्व, प्रबंधन, संचार, रचनात्मकता और व्यावसायिक कौशल का विकास होता है। उन्होंने हाउसकीपिंग सप्ताह के सफल आयोजन के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों को बधाई देते हुए आयोजन में उनकी सक्रिय सहभागिता और सहयोग की सराहना की।

प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से शिक्षकों को निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया गया। निर्णायक मंडल में प्रो. एम.एम. सिंह, प्रो. विनीत, डॉ. राधिका चौधरी, डॉ. प्रतिज्ञा पाठक तथा डॉ. श्रिया त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मौलिकता, रचनात्मकता, नवाचार, सौंदर्यबोध और प्रस्तुतीकरण कौशल के आधार पर मूल्यांकन किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

समारोह में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए विभिन्न खाद्य स्टॉल भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों की तैयारी, आकर्षक प्रस्तुतीकरण और स्टॉल प्रबंधन के माध्यम से अपने पाक-कौशल के साथ टीमवर्क एवं प्रबंधन क्षमता का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को खाद्य एवं पेय संचालन तथा आतिथ्य क्षेत्र में उद्यमशीलता के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम में आईटीएचएम के निदेशक प्रो. देवेश निगम सहित प्रो. अपर्णा राज, प्रो. संजय निभोरिया, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, डॉ. रिचा राय, डॉ. सुधीर द्विवेदी, डॉ. जी.के. श्रीनिवासन, आशीष सेठ, मुकुल खरे, डॉ. पर्णव भार्गव, जयकिशन पुरोहित, अंकुर चचरा, अभिषेक जोशी, निशांत पुरवार, बलराम, गोपाल तथा डॉ. आयुष सक्सेना सहित शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यार्थी समन्वयकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। चमनजोत सिंह, इमरान खान, आर्यन शर्मा, शांभवी, तेजस्वी, दिव्या, अंजलि, सृष्टि, अनुष्री, अंजलि तिवारी, शुभ, अमन कुमार, हसन अली तथा ध्रुव यादव ने प्रतियोगिताओं के समन्वय, प्रतिभागियों की सहायता और आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।