-कृष्ण जन्मोत्सव में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक, भजन और क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
A glimpse of Indian culture was seen during the Krishna Janmotsav celebrations; students showcased their talent in bhajan and quiz competitions.
-भजन प्रतियोगिता में रचित सिंह प्रथम व अल्फिज़ फातिमा को मिला द्वितीय स्थान
-श्रीकृष्ण के जीवन और संदेश से रूबरू हुए पत्रकारिता के विद्यार्थी, जन्माष्टमी पर आयोजित हुई भजन व क्विज प्रतियोगिता
-क्विज में सान्वी प्रथम व काव्या द्वितीय स्थान पर
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में 3 सितंबर, गुरुवार को कृष्ण जन्माष्टमी के पूर्व संध्या पर विद्यार्थियों द्वारा जन्मोत्सव कार्यक्रम एवं भजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के जन्म, उनके जीवन प्रसंगों तथा राधा-कृष्ण की भक्ति पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की मनोहारी झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम में भजन, नृत्य-नाटिका, नाटक और क्विज प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में उत्साह और उमंग का वातावरण बनाए रखा।
जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक में कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव के प्रसंग तथा कारागार में श्रीकृष्ण के जन्म की घटना को मंच पर जीवंत किया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति में अभिनय के साथ संवाद, भाव-भंगिमा और मंचीय प्रस्तुति का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इसके अतिरिक्त छात्राओं द्वारा नृत्य-नाटिका एवं भजनों की प्रस्तुति भी की गई। राधा-कृष्ण की भक्ति पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण निर्मित किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को कला के विभिन्न रूपों के जरिए अभिव्यक्त किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से विद्यार्थियों को जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्म, कर्तव्य, नेतृत्व, संवाद और परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक मूल्यों को समझना इसलिए भी आवश्यक है, क्योंकि वे समाज और संस्कृति को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भजन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भजन प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता में बीजेएमसी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण और राधा से संबंधित विभिन्न सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी गायन प्रतिभा के साथ सुर, लय और भाव की सुंदर प्रस्तुति दी।
भजन प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में संगीत विभाग की अध्यक्षा डॉ. रश्मि गोरे निर्णायक के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन गायन, सुर, लय, भाव और प्रस्तुति के विभिन्न मानकों के आधार पर किया।
भजन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रचित सिंह (बीजेएमसी प्रथम वर्ष), द्वितीय स्थान अल्फ़िज़ फ़ातिमा (बीजेएमसी प्रथम वर्ष) तथा तृतीय स्थान शौर्य प्रताप सिंह (बीजेएमसी प्रथम वर्ष) ने प्राप्त किया।
क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने परखी अपनी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके व्यक्तित्व, भारतीय संस्कृति एवं जन्माष्टमी से जुड़े विषयों पर क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी सामान्य ज्ञान एवं विषय संबंधी जानकारी का प्रदर्शन किया।
क्विज प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में विभाग के डॉ. ओमशंकर गुप्ता एवं श्री प्रेम किशोर शुक्ला शामिल रहे। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सान्वी सिंह (एमएजेएमसी प्रथम वर्ष), द्वितीय स्थान काव्या सिंह (बीजेएमसी प्रथम वर्ष) तथा तृतीय स्थान आस्था सेठी (बीजेएमसी प्रथम वर्ष) ने प्राप्त किया।
पूरे कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सामाजिक चिंतक एवं विचारक अमरनाथ गीतानुरागी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन और भारतीय संस्कृति में उनके योगदान से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उनके जीवन में नेतृत्व, नीति, कूटनीति, संवाद और लोककल्याण के अनेक आयाम दिखाई देते हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। भजन प्रतियोगिता, नृत्य-नाटिका और नाटक के साथ क्विज प्रतियोगिता ने कार्यक्रम को विविधतापूर्ण बनाया। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. हरिओम कुमार ने किया। कार्यक्रम में विभाग के संकाय सदस्य डॉ. जितेन्द्र डबराल, डॉ. योगेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रश्मि गौतम, डॉ. होईमावती तालुकदार, सागर कनौजिया सहित विभाग के सभी शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रबंधन स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्राओं हृदिका गुप्ता एवं अंजनी गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के अंत में विजेता विद्यार्थियों की सराहना की गई तथा प्रतिभागियों को उनकी प्रस्तुतियों के लिए प्रोत्साहित किया गया।