*ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में “AI for Everyone” वैल्यू-एडेड कोर्स 16 मार्च से प्रारम्भ

Update: 2026-03-15 16:08 GMT

लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में विद्यार्थियों को उभरती डिजिटल तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से “AI for Everyone” शीर्षक से एक वैल्यू-एडेड पाठ्यक्रम 16 मार्च 2026 से प्रारम्भ किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के सभी संकायों और पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए खुला है।

इस कोर्स को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और अब तक 996 विद्यार्थियों ने इसमें पंजीकरण कराया है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) की मूलभूत अवधारणाओं, विभिन्न AI टूल्स तथा इसके व्यावहारिक उपयोगों से अवगत कराना है, जिससे वे समझ सकें कि AI तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में किस प्रकार परिवर्तन ला रही हैं।

यह कोर्स सुव्यवस्थित शैक्षणिक सत्रों के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में AI के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके डिजिटल कौशल का विकास करना है।

यह पाठ्यक्रम कुलाधिपति महोदया एवं उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह पहल विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के पाठ्यक्रम तेजी से विकसित हो रही डिजिटल दुनिया के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि AI जैसी उभरती तकनीकों का ज्ञान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके करियर के अवसरों को भी सुदृढ़ करेगा।

इस कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. हेमंत कुमार सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग ने बताया कि इस वैल्यू-एडेड पाठ्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के प्रत्येक शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सरल, उपयोगी और सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में AI केवल कंप्यूटर विज्ञान के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता, भाषा अध्ययन, प्रबंधन, सामाजिक विज्ञान, स्वास्थ्य, उद्योग और डिजिटल सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में इसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने आगे बताया कि इस कोर्स के माध्यम से विद्यार्थियों को AI की बुनियादी अवधारणाओं के साथ-साथ विभिन्न AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपनी पढ़ाई, शोध कार्य और पेशेवर गतिविधियों में इन तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। पाठ्यक्रम में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि विद्यार्थी यह समझ सकें कि AI तकनीकें किस प्रकार शिक्षा, शोध और कार्यस्थलों को अधिक प्रभावी तथा नवोन्मेषी बना रही हैं।

कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल के माध्यम से ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप ज्ञान प्रदान करने और उनकी रोजगार संभावनाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

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