फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ भारत में प्रदर्शन स्वीकार्य नही

Update: 2020-10-30 13:06 GMT


भारत में चंद मजहबी लोगो द्वारा इस्लाम के नाम पर जो अनर्गल प्रलाप कर रहे है उनसे सख्ती से निपटने का समय आ गया है \ फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ ऐसा गुस्सा पर जिस शिक्षक के सर को बेरहमी से कलम कर दिया उस पर एक शब्द भी मुश्लिम बुद्धिजीवी द्वारा न बोलना उनके सहमति को दर्शाता है \

एक शिक्षक का सर मध्ययुगीन तरीके से इक्कीसवी सदी में काट डालना सभ्य समाज के लिए बड़ी चेतावनी है और जो भीड़ भोपाल में जमा हुई है ऐसी भीड़ भारत में जब पुलवामा अटैक हुआ या मुंबई में हमला हुआ तो कभी नहीं हुई \

इस तरह की सोच किसी भी देश को बर्बाद कर सकती है \ मजहबी कट्टरपंथियों से सरकार को सख्ती से निपटाना चाहिए चाहे वो किसी भी पंथ के हो \

इस्लाम के नाम पर अगर लोग क़त्ल करने लगे तो कानून और समाज की क्या जरुरत \ जंगल का कानून लागू नही किया जा सकता \ हम एक सभ्य समाज में रह रहे है जहाँ विरोध का मतलब मजहबी उन्माद तो नही हो सकता \

आज अगर इसे नही रोका गया तो हमारा कल भयावह होगा \ इस तरह तो अब कोई भी शिक्षक अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में बता नहीं सकता \ ये पुरे विश्व को भयभीत करने वाली घटना है जिसका प्रभाव पुरे विश्व के मुसलमानों पर पड़ेगा \

आज तुर्की और मलेशिया जैसे विकसित देश जब सिर्फ इस्लाम के नाम पर कट्टरता का समर्थन करने के लिए आतुर है तो उन कट्टर देशो का क्या कहना जहाँ पर पहले से ही धर्म के नाम पर लोगो को प्रताड़ित किया जा रहा है \

आज जहाँ एक ओर अफगानिस्तान जैसे देश में रोज सैकड़ो की संख्या में लोगो की मौत हो रही है और बच्चो और महिलाओ को धर्म के नाम पर कुछ भी अधिकार नहीं है वही दूसरी ओर इराक,ईरान, लीबिया , सीरिया,तुर्की,पाकिस्तान, और अरब देशो में लोगो का बुरा हाल है \

हालाकि अभी कुछ समय से सऊदी अरब में बदलाव आया है पर तुर्की जो सऊदी की जगह लेना चाहता है वो अब पुरे विश्व में कट्टरता को बढ़ावा दे रहा है \

अजरबैजान और आर्मीनिया की लड़ाई भी दो देशो की लड़ाई न होकर दो धर्मो के बीच की लड़ाई हो गयी है \ इसका परिणाम बहुत बुरा होगा \ पुरे विश्व में मुसलमानों को रहने की जगह नहीं मिलेगी और जो अमन पसंद मुसलमान है वो इन कट्टरपंथी लोगो की सोच के कारण दुसरे का निशाना बन सकते है \

अगर विश्व में शांति चाहिए तो इस्लाम को मानने वाले देशो को आगे आकर इस तरह की घटनाओ की निंदा करनी होगी \ भारत में तो ये चिंगारी कभी भी सुलग सकती है इसलिए सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए \

Similar News