सिंधु बॉर्डर से गिरफ्तार किए गए पत्रकार मनदीप पुनिया को मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लांबा ने जमानत दे दी उन्होंने कहा शिकायतकर्ता पीड़ित और गवाह पुलिस का एक जवान है।
इस बात की बिल्कुल भी कोई संभावना नहीं है की आरोपी किसी पुलिस अधिकारी को उसकी जांच करने में प्रभावित कर सकता है। मनदीप पूनिया को गिरफ्तारी के बाद 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में रखा गया था।
पत्रकार पुनिया पर भारतीय दंड संहिता की धारा 186( सरकारी कामकाज में बाधा डालना), 353( सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए उस पर हमला करना),( 332 सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य के समय चोट पहुंचाना) इन धाराओं के तहत पत्रकार मनदीप पुनिया पर मामले दर्ज कर लिए गए थे।
जज ने सुनवाई के दौरान इस बात का जिक्र किया की कथित हाथापाई की घटना शाम 6:30 बजे की है और इस मामले में प्राथमिकी अगले दिन रात के करीब 1:21 पर दर्ज की गई।
उन्होंने कहा आरोपी एक स्वतंत्र पत्रकार है उसने किसी भी प्रकार की जांच को प्रभावित सही किया है और उसे इस प्रकार हिरासत में रखने से किसी भी प्रकार के उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी।
अदालत ने कहा दोनों पक्षों के तथ्यों और पेश की गई दलीलों को सुनते हुए आरोपी को ₹25000 की जमानत और इतने ही रुपए के मुचलके के साथ जमानत को मंजूर करती है।
अरुण मौर्य