होली का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे ही गुझिया की मांग बढ़ने लगी है। बाजारों में मिठाइयों की दुकानों पर भी तरह-तरह की गुझिया सज गई हैं। लोग भी अपनी पसंद की मिठाइयां खरीदने लगे हैं।
ब्रज क्षेत्र पलवल में तो होली का पर्व वैसे भी काफी महत्व रखता है। मथुरा, वृदावन, नंदगांव व बरसाना नजदीक होने के कारण यहां होली का अलग ही माहौल रहता है। होली का त्यौहार एक तो रंगों के लिए फेमस और दूसरा इस पर्व को गुजिया का जायका और भी मजेदार बना देता है।
होली के आने से पहले ही हर घर में गुजिया बनना शुरू हो जाती है। मगर बहुत सी महिलाएं लाख कोशिशों के बाद भी बाजार जैसी क्रिस्पी और स्वादिष्ट गुजिया नहीं बना पाती हैं। होली का मौका हो और स्वादिष्ट गुजिया का मजा न लें ऐसा हो ही नहीं सकता। इस बार आप होली के त्योहार पर बेक्ड गुजिया का आनंद लें जिसमें नट्स और ड्राई फ्रूट्स का एक बढ़िया स्वाद मिलेगा। होली के त्योहार के लिए एक शानदार स्नैक है।
बिना गुझिया के पर्व की कल्पना जरा मुश्किल हो जाती है। यही कारण है कि होली में सबसे ज्यादा खपत इसी की होती है। शहर की छोटी दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक औसतन पांच हजार किलो तक बिक्री होती है। सादा गुझिया और गूंझे के अलावा अन्य वैरायटी भी बननी शुरू हो गई है। सादा गुझिया के साथ वे इन्हें भी पैक कराना पसंद करते हैं। इसमें मिनी समोसे, सांखे, दालमोठ, मेथी मठरी आदि शामिल है।
अराधना मौर्या