सुप्रीम कोर्ट ने महिला अफसरों के स्थायी कमीशन देने पर की सुनवाई, दिए ये सख्त निर्देश....

Update: 2021-03-25 07:45 GMT



सुप्रीम कोर्ट ने महिला एसएससी अधिकारियों की सेना में स्थायी कमीशन देने की मांग को लेकर याचिकाओं को अनुमति दे दी है और कहा कि सेना की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट मूल्यांकन की प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण और भेदभावपूर्ण बताया।

कोर्ट ने कहा कि एसीआर महिला अधिकारियों द्वारा भारतीय सेना के लिए अर्जित गौरव को नजरअंदाज करता है। सुप्रीम कोर्ट ने सेना को दो महीने के भीतर महिला अधिकारियों के लिए स्थायी आयोग के अनुदान पर विचार करने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना की 17 महिला अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद सेना ने महिला अधिकारियों को 50% तक स्थायी कमीशन प्रदान नहीं किया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ही सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी थी।

पिछले साल भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इसे खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि यह इसी काबिल है। इसने कहा कि महिलाएँ हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधा से कंधा मिलाकर चल रही हैं, ऐसे में केंद्र सरकार का यह विचार लिंग के आधार पर भेदभाव करने वाला है और रूढ़ीवादी है। इसने कहा कि सेना की महिला अफ़सरों ने देश को गौरवान्वित किया है।

अराधना मौर्या

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