देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का निधन, कोरोना संक्रमण से थे पीड़ित......

Update: 2021-04-30 06:16 GMT



देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का निधन हो गया है. वह 91 साल के थे. कई दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी. पूर्व अटॉर्नी जनरल और पद्म विभूषण सोली सोराबजी का निधन कोरोना से संक्रमित होने के बाद आज सुबह हो गया. सोली सोराबजी दो बार देश के अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं. पहली बार 1989 से 90 और फिर 1998 से 2004 तक. उनका जन्म 1930 में बॉम्बे में हुआ था.

सोली सोराबजी की पहचान देश के जाने माने वकीलों में होती थी. उनकी गिनती बड़े मानवाधिकार वकीलों में भी होती थी. नाइजरिया में मानवाधिकार के बारे में पता लगाने के लिए यूनाइटेड नेशन ने 1997 में उन्हें विशेष दूत बनाकर भेजा था.

राम जेठमलानी जिस वक्त देश के कानून मंत्री थे उस दौरान सोली सोराबजी एटॉर्नी जनरल थे. कुछ कानूनी मसलों पर राम जेठमलानी और तत्कालीन चीफ जस्टिस ए एस आनंद के बीच टकराव की स्थिति पैदा होने लगी. मामला इस कदर बढ़ गया कि न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई. इस टकराव को रोकने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी ने जसवंत सिंह को बोलकर जेठमलानी का इस्तीफा मांगा.

जेठमलानी ने भी तुरंत इस्तीफा दे दिया. सोली सोराबजी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बड़े पक्षधर रहे थे. उन्होंने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में कई ऐतिहासिक मामलों में प्रेस की स्वतंत्रता का बचाव किया है और प्रकाशनों पर सेंसरशिप आदेशों और प्रतिबंधों को रद्द करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

अराधना मौर्या

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