कोरोना महामारी के बीच रूस से स्पुतनिक-वी टीके की पहली खेप लेकर आया विमान हैदराबाद में उतरा....
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आज रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी की पहली खेप भारत आ गई है. इससे पहले भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सिन के साथ कोरोना की जंग लड़ रहा है. स्पुतनिक वैक्सीन के भारत आने से तीसरे चरण के वैक्सीनेशन में तेजी देखने को मिलेगी.
बता दें कि आज से 18 साल से ऊपर के हर शख्स को कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का अभियान शुरू किया गया है. ऐसे में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान में तेजी लाएगा.
गौरतलब है कि शुरुआत में इस वैक्सीन की क्षमता पर सवाल खड़े किए गए, मगर बाद में जब इस साल फरवरी में ट्रायल के डाटा को द लांसेट में पब्लिश किया गया तो इसमें इस वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभाली बताया गया. दरअसल कोविड-19 के रूसी टीके 'स्पूतनिक-वी के तीसरे चरण के परीक्षण में यह 91.6 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई है और कोई दुष्प्रभाव भी नजर नहीं आया. 'द लांसेट' जर्नल में प्रकाशित आंकड़ों के अंतरिम विश्लेषण में यह दावा किया गया है.
अध्ययन के ये नतीजे करीब 20,000 प्रतिभागियों से एकत्र किए गए आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित हैं. इसके दो महीने बाद अप्रैल महीने में भारत में रूसी कोरोना टीके 'स्पूतनिक वी' के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई.
अराधना मौर्या