सुप्रीम कोर्ट में सुनाया बड़ा आदेश कहा देश को राष्ट्रीय लॉक डाउन की सख्त जरूरत...

Update: 2021-05-03 08:45 GMT



देशभर में कोरोनावायरस महामारी के संक्रमण की हालत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वायरस के संक्रमण पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय लॉकडाउन की सलाह दी है। आपको बता दें कि मौजूदा स्थिति कुछ ऐसी है कि हर रोज करीब 400000 नए केस सामने आ चुके हैं। इस दौरान केंद्र सरकार को एवं सुझाव देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश को राष्ट्रीय लॉकडाउन की सख्त जरूरत है।

उच्चतम न्यायालय में वैक्सीन की खरीद पॉलिसी को फिर से निवेदन करने को कहा है उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो सार्वजनिक स्वास्थ्य के अधिकार में बाधा उत्पन्न होगी जो संविधान 21 का एक अभिन्न अंग है। इस दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ एवं नागेश्वर राव तथा रविंद्र भट्ट की बैंक ने कहा कि लॉकडाउन लगाने से पहले सरकार यह भी सुनिश्चित करें कि उसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव कम पडे। जिन लोगों पर लॉकडाउन का असर पड़ सकता है उनके लिए खास इंतजाम भी किए जाए।

आपको बता दें कि देश भर में हॉस्पिटल को लेकर काफी चिंतित माहौल बना हुआ है क्योंकि अस्पतालों में अब बेड के साथ-साथ ऑक्सीजन और दवाइयों तक की किल्लत देखी जा रही है। ऐसी स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को हॉस्पिटल में दाखिले के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की सलाह दी। कोर्ट ने यह नीति दो हफ्ते के अंदर बनाने के लिए सख्त आदेश दिए हैं। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक किसी भी स्थानीय आवास या पहचान प्रमाण की कमी के लिए अस्पताल में मरीजों को दवाओं या भर्ती से वंचित ना किया जाए।

इसी के साथ आपको बता दें कि पिछले 20 अप्रैल को केंद्र सरकार ने वैक्सीन की खरीद को लेकर एक नई पॉलिसी का ऐलान किया है केंद्र ने कहा था कि अब वह सिर्फ 50 फ़ीसदी वैक्सीन खरीदेगा तथा बाकी 50 फ़ीसदी सीधे राज्य और प्राइवेट कंपनी खरीद सकते हैं। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए वैक्सीन पूरी खरीद का आदेश दिया। तथा योजना बनाकर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अंदर वितरण की भी नीति बनाने को कहा।

नेहा शाह

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