ऑपरेशन ब्रह्मा: भारत ने म्यांमार भेजी 625 मीट्रिक टन राहत सामग्री

Update: 2025-04-02 04:32 GMT

भारत ने 28 मार्च 2025 को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। इस अभियान के तहत खोज और बचाव (SAR), मानवीय सहायता, राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। भारत ने अब तक छह विमान और पांच नौसैनिक जहाज भेजकर 625 मीट्रिक टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी है।

भारत ने 29 मार्च को सी-130जे विमान द्वारा ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी, जिसमें तंबू, कंबल, आवश्यक दवाइयां और खाद्य सामग्री भेजी थी। यह सामग्री भारतीय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आपूर्ति की गई।

29 मार्च को ही भारतीय नौसेना के जहाज सतपुरा और सवित्री ने यांगून के लिए 40 टन राहत सामग्री भेजी।

इसके बाद 30 मार्च को भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत को दो सी-130जे विमान भेजे। इनमें 80 NDRF बचाव विशेषज्ञ, उपकरण और राहत सामग्री थी। एक विमान में 17 टन उपकरण थे, जबकि दूसरे में 5 टन राहत सामग्री, जैसे कि जनरेटर, हाइजीन किट, खाद्य पैकेट और दवाइयाँ भेजी गई। ये विमान नेपेडॉ पहुंचे।

वहीं भारतीय नौसेना ने 30 मार्च को आईएनएस कर्मुक और एलसीयू 52 ने 30 टन राहत सामग्री, जैसे कपड़े, पानी, खाद्य सामग्री और दवाइयाँ भेजी। यह सामग्री 1 अप्रैल 2025 को यांगून पोर्ट पर पहुंची।

इसके साथ ही भारतीय सेना ने म्यांमार के मांडले में एक 200 बिस्तरों वाला फील्ड अस्पताल स्थापित किया है। इस अस्पताल ने अब तक 104 हताहतों का इलाज किया है और दो जीवनरक्षक सर्जरी भी की हैं। यह अस्पताल महिलाओं और बच्चों की देखभाल भी कर रहा है।

1 अप्रैल 2025 यानी आज भी भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत म्यांमार में और राहत सामग्री भेजी। इसके साथ ही भारतीय नौसेना का जहाज घारियल भी विशाखापत्तनम से यांगून के लिए रवाना हुआ। इस जहाज पर 442 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री, जिसमें चावल, तेल, बिस्किट और इंस्टेंट नूडल्स शामिल हैं, भेजी जा रही है। यह सामग्री म्यांमार के प्रभावितों की तत्काल खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भेजी जा रही है।

भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह म्यांमार को जरूरत के अनुसार और सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत का यह प्रयास अपने पड़ोसियों के प्रति उसकी मानवीय सहायता और क्षेत्रीय सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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