आज विश्व शेर दिवस के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि एशियाई शेर के संरक्षण में भारत की सफलता वन्यजीव और जैव विविधता के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का गौरवपूर्ण प्रमाण है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण पर्यावासों की रक्षा से लेकर संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने तक, देश ने यह साबित कर दिया है कि विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
श्री यादव ने बताया कि देश में एशियाई शेरों की संख्या 2015 में 523 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि वन अधिकारियों, संरक्षणवादियों, स्थानीय समुदायों और इस शानदार प्रजाति की रक्षा के लिए अथक प्रयास कर रहे लोगों के समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने सभी से प्राकृतिक विरासत की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराने का आग्रह किया कि एशियाई शेर की दहाड़ आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज विश्व शेर दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। श्री बिरला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत में एशियाई शेरों की संख्या 2020 में 674 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई है। यह मात्र पांच वर्षों में 32 दशमलव 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। उन्होंने कहा कि एशियाई शेर केवल भारत में ही प्राकृतिक रूप से जीवित हैं, इसलिए इस शानदार प्रजाति का संरक्षण करना न केवल एक जिम्मेदारी है, बल्कि वैश्विक वन्यजीव संरक्षण में योगदान भी है।