5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए 5 साल में नीलाम होगी 5 लाख करोड़ की सरकारी संपत्ति...
केन्द्र की मोदी सरकार अगले चार साल में करीब 100 संपत्तियों को बेचने की योजना पर काम कर रही है. इसके के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है. अब नीति आयोग ने केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों को उन संपत्तियों की पहचान करने को कहा है जिसे अगले कुछ सालों में मोनेटाइज किया जा सकता है.|
इसके लिए निति आयोग ने एक पाइपलाइन तैयार करने के लिए कहा है. नीति आयोग उन संपत्तियों और कंपनियों की एक लिस्ट तैयार कर रहा है जिसे आने वाले दिनों में बिक्री के लिए शेड्यूल किया जा सकता है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीति आयोग ने अलग-अलग मंत्रालयों से कहा है कि वे निजीकरण करने लायक संपत्ति की पहचान करें. नीति आयोग निजीकरण की दिशा में सरकार को तेजी से बढ़ने का सुझाव दिया है.|
इसलिए तमाम प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी शुरू करने का निर्देश जारी किया गया है. नीति आयोग ने 100 सरकारी संपत्ति की पहचान कर ली है. निजीकरण के जरिए इससे सरकारी खजाने में 5 लाख करोड़ आने का अनुमान है. 10 अलग-अलग मंत्रालयों की 31 महत्वपूर्ण संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है और इसकी लिस्ट भी संबंधित मंत्रालयों को सौंपी जा चुकी है.|
निजीकरण के इस सिलसिले में जमीन को लैंड मैनेजमेंट एजेंसी को सौंप दिया जाएगा जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी और मोनेटाइजेशन का काम जल्दी होगा. यह एजेंसी या तो जमीन की बिक्री कर देगी या फिर REIT की मदद से इसे पूरा किया जाएगा.
अराधना मौर्या